ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने रविवार (12 जुलाई) को अमेरिकी हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि दोनों पक्षों के बीच हुई एकतरफा ज्ञापन समझौता खत्म हो गया है. गालिबाफ ने हॉर्मुज को फिर से खोलने पर जोर देने वाले ज्ञापन समझौते में दर्ज बिंदु की ओर इशारा किया है.
इसमें कहा गया है कि एमओयू पर साइन होने के बाद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान अपनी पूरी कोशिश करेगा कि कमर्शियल जहाज फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक और इसके विपरीत सुरक्षित रूप से गुजर सकें. इसके लिए 60 दिनों तक कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. गालिबाफ ने कहा है कि अमेरिका इस समझौते से पीछे हट गया है. एकतरफा समझौते का दौर खत्म हो गया है. हमने कहा था कि अपनी बात पर कायम रहें, और कीमत चुकाएं. अब हकीकत सामने आ रही है.
ईरान के खिलाफ हमलों का तीसरा दौर पूरा किया जाएगा: CENTOM
गालिबाफ का बयान ऐसे वक्त आया है, जब सेंटम यानी अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि इस हफ्ते ईरान के खिलाफ हमलों को तीसरा दौर पूरा किया जाएगा. हॉर्मुज में एक और कमर्शियल जहाज पर हमले के लिए ईरानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है.
अमेरिकी सेना ने जमीन, समुद्र से उड़ान भरने वाले लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक जहाजों से सटीक हथियारों का इस्तेमाल करके ईरान के 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है. इन ठिकानों में ईरान की मिसाइल, ड्रोन साइटें, नौसैनिक क्षमताएं, गोला बारूद भंडारण केंद्र, कम्युनिकेशन नेटवर्क और तटीय निगरानी से जुड़े केंद्र शामिल थे. सेंटम के निर्देश पर ही 300 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिससे ईरान की क्षमता को कम किया जा सके.
होर्मुज स्ट्रेट कब खोलेगा ईरान? IRGC ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने रखी ये शर्त, कहा- ‘जब तक अमेरिका…’
ईरान हमलों के लिए कतर ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार
ईरान की IRGC की तरफ से कहा गया है कि उसने जॉर्डन में एक सैन्य कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ड्रोन हैंगर को नष्ट कर दिया है. अलजजीरा के मुताबिक, कतर ने इन हमलों पर कड़ी निंदा की है. साथ ही ईरान से सैन्य कार्रवाई रोकने की मांग की गई है. विदेश मंत्रालय की तरफ से तेहरान को इसका जिम्मेदार ठहराया है.
साथ ही कहा है कि कतर को जवाब देने का पूरा अधिकार है. कतर राज्य इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की तरफ से अपने क्षेत्र के साथ-साथ जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, ओमान और कुवैत के क्षेत्रों पर किए हमलों की कड़ी निंदा करता है. इन हमलों को लक्षित देशों की संप्रभुता, और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन माना जाता है.
हॉर्मुज खोलने को लेकर ईरान ने क्या कहा है?
इधर, ईरान की तरफ से हॉर्मुज खोलने को लेकर साफ कह दिया गया है कि इस जलमार्ग को तब तक बंद रखा जाएगा, जब तक अमेरिका पश्चिम एशिया इलाके में अपना हस्तक्षेप बंद नहीं कर देता.
बांग्लादेश में घिरे PM तारिक रहमान, जमात चीफ बोले- BNP ने तोड़ा वादा, कर दी ये बड़ी मांग


