05:30 PM, 03-Jun-2026
पार्टी की हालत के लिए अभिषेक बनर्जी जिम्मेदार: संदीपन साहा
तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता संदीपन साहा ने कहा कि उन्होंने अभी-अभी पत्र सौंपा है और विपक्ष के नेता के लिए निर्धारित कक्ष आधिकारिक रूप से आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि विपक्ष के नेता फिलहाल वहीं बैठे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि ममता दीदी (टीएमसी सुप्रीमो) उनकी सलाहकार बनी रहें और उन्हें मार्गदर्शन देती रहें, ताकि वह विपक्ष के नेता और मुख्य सचेतक के साथ मिलकर विधानसभा में पार्टी को प्रभावी तरीके से चला सकें। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी जिस स्थिति में पहुंची है, उसकी जिम्मेदारी अभिषेक बनर्जी की है। उन्होंने आगे कहा, अगर सफलता का श्रेय लिया जाता है तो विफलता की जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए।
05:24 PM, 03-Jun-2026
पार्टी के 58 विधायकों की टीम में दो अन्य की जुड़ने की संभावना: ऋतब्रत बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि पार्टी के चुनाव चिन्ह पर जीते 58 विधायकों की एक टीम है और दो अन्य विधायक भी उनके साथ जुड़ने की संभावना है।
05:21 PM, 03-Jun-2026
पार्टी ही लेगी अंतिम निर्णय: कुणाल घोष
तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने कहा कि जो जानकारी उनके पास है, उसके अनुसार संसदीय दल को छोड़कर पार्टी की बाकी सभी समितियां भंग कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि संसदीय दल में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शामिल होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति को एक पार्टी से निकाला गया हो, वह विपक्ष का नेता कैसे बन सकता है, यह संभव नहीं है। इस मामले में दोनों तरफ से पत्र दिए गए हैं और कई विधायकों के हस्ताक्षर दोनों पत्रों में हैं। इसलिए दो अलग-अलग पत्र जमा हुए हैं। आगे की कानूनी और संसदीय प्रक्रिया की जांच करनी होगी और अंतिम निर्णय पार्टी ही लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आज असहमति जता रहे हैं, वे निर्दलीय नहीं थे, बल्कि ममता बनर्जी की पार्टी के उम्मीदवार थे।
05:04 PM, 03-Jun-2026
टीएमसी सरकार ने हर विभाग में भ्रष्टाचार किया: अग्निमित्रा पॉल
पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी विवाद और टूट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें पहले से पता था कि ऐतिहासिक जनादेश के बाद तृणमूल कांग्रेस का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। लेकिन यह उससे पहले ही बिखर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने सरकार के हर विभाग में भ्रष्टाचार किया और बंगाल के लोगों की मेहनत की कमाई को लूटा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी पूरी तरह खराब कर दिया गया था।
02:42 PM, 03-Jun-2026
अभिषेक बनर्जी को लेकर है नाराजगी
बागी विधायक अरुणाभ सेन ने कहा, ‘मैं आज भी ममता बनर्जी को अपना नेता मानता हूं, लेकिन अभिषेक बनर्जी को कभी नेता नहीं माना और न ही मानूंगा।’ बागी विधायकों ने पत्र में ममता बनर्जी को ही पार्टी की नेता और सभानेत्री बताया है, जिससे संकेत मिला है कि उनका विरोध सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व को लेकर है।
02:02 PM, 03-Jun-2026
बगावत के बीच टीएमसी का बड़ा एक्शन, बंगाल में पार्टी की सभी समितियां बर्खास्त
तृणमूल कांग्रेस में बगावत की खबरों के बीच पार्टी नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई करते हुए बंगाल में पार्टी की सभी समितियों को भंग कर दिया है। साथ ही पार्टी ने संगठन की भी समितियों को भंग कर दिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में अपने इस फैसले की जानकारी दी।
01:18 PM, 03-Jun-2026
दल-बदल कानून से बच सकते हैं बागी विधायक
दल-बदल विरोधी कानून के तहत किसी भी अलग गुट को अयोग्यता से बचने के लिए विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन आवश्यक होता है। टीएमसी के पास विधानसभा में 80 विधायक हैं, ऐसे में यह आंकड़ा 54 का होता है। यदि बागी गुट का 58 विधायकों के समर्थन का दावा सही साबित होता है, तो वह आवश्यक संख्या से अधिक समर्थन जुटाकर खुद को वैध टीएमसी विधायक दल के रूप में मान्यता दिलाने की मजबूत स्थिति में होगा। हालांकि विपक्ष के नेता पद पर दावा करने के लिए केवल 30 विधायकों का समर्थन पर्याप्त है, लेकिन मौजूदा संघर्ष केवल इस पद तक सीमित नहीं दिखता। असली लड़ाई विधायक दल के नियंत्रण और चुनाव चिन्ह पर अधिकार को लेकर मानी जा रही है।
01:01 PM, 03-Jun-2026
ममता खेमे के विधायकों ने बैठक से बनाई दूरी
विधानसभा पहुंचने वाले विधायकों में अरूप रॉय, शिउली साहा, अखरुज्जमान, संदीपन साहा, सबीना यास्मीन, चंद्रनाथ सिन्हा, जावेद खान, समर मुखर्जी और प्रसून बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। गौरतलब है कि बैठक में शामिल हुए किसी भी विधायक ने मंगलवार को कोलकाता के मध्य क्षेत्र में आयोजित पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के धरना कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया था। वहीं, शोभनदेब चट्टोपाध्याय, नयना बंद्योपाध्याय, मदन मित्रा और कुणाल घोष जैसे नेता, जिन्हें पार्टी नेतृत्व के करीबी माना जाता है, विधानसभा में आयोजित इस बैठक से दूर रहे।
इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी रहे। उनके विधानसभा पहुंचने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई कि उन्हें पार्टी के लगभग दो-तिहाई विधायकों का समर्थन हासिल है और वे मौजूदा नेतृत्व को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। बागी खेमे के सूत्रों का दावा है कि ऋतब्रत बनर्जी के पास 58 विधायकों के समर्थन पत्र हैं और वे टीएमसी विधायक दल के नेता तथा विपक्ष के नेता दोनों पदों पर मान्यता की मांग कर सकते हैं।
12:41 PM, 03-Jun-2026
विधानसभा स्पीकर से मिले बागी नेता
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने विधानसभा स्पीकर रतिंद्र बोस को 58 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा है।
12:15 PM, 03-Jun-2026
सीएम शुभेंदु बोले- जालसाजी करने वाले किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा
इस राजनीतिक विवाद के बीच सीएम शुभेंदु अधिकारी ने भी टीएमसी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कथित फर्जी हस्ताक्षर और आंतरिक पत्राचार विवाद को लेकर कहा कि मामले में कानून अपना काम करेगा और हस्ताक्षर जालसाजी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने घटनाक्रम का विवरण देते हुए बताया कि 9 मई को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता, नयना बंद्योपाध्याय और असीमा पात्रा को उपनेता तथा फिरहाद हकीम को मुख्य सचेतक नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद 20 मई को 70 हस्ताक्षरों वाला एक और पत्र भेजा गया। हालांकि, विवाद तब बढ़ गया जब टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने औपचारिक शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि विधायक दल की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव पारित ही नहीं किया गया था।
विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद हेयर स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई और मामले की जांच बाद में सीआईडी को सौंप दी गई। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि सीआईडी ने पत्र में शामिल विधायकों के हस्ताक्षर नमूने जुटाने शुरू कर दिए हैं। उनके अनुसार, टीएमसी के तीन विधायक बहारुल इस्लाम, अरूप रॉय और सुभाशीष दास ने सीआईडी के सामने स्वीकार किया है कि उन्होंने संबंधित दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

