08:57 AM, 18-Jun-2026
‘बातों से नहीं, कामों से होगा मूल्यांकन’, US-ईरान समझौते पर बोले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ हुए शांति समझौते के बाद कड़ा रुख अपनाया है। एक इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि इस समझौते की सबसे अच्छी बात यह है कि यह केवल शब्दों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, अब ईरान का मूल्यांकन उसकी बातों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और काम के आधार पर किया जाएगा। वेंस ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और पूरा प्रशासन ईरान में निर्दोष प्रदर्शनकारियों की हत्या से बहुत परेशान था। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले जो लोग सत्ता में थे, उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया था। वेंस के अनुसार, वे पुराने नेता अब सत्ता से जा चुके हैं। अब अमेरिका यह देखना चाहता है कि क्या ईरान का नया नेतृत्व अपने लोगों के साथ अलग तरह से व्यवहार करता है। उपराष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि नया नेतृत्व सुधार करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो अमेरिका उनके वास्तविक आचरण को देखकर आगे का फैसला करेगा। वेंस ने दोहराया कि यह समझौता केवल कागजी बातों के लिए नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह ईरान के भविष्य के व्यवहार पर टिका है।
07:06 AM, 18-Jun-2026
अमेरिका-ईरान ने शांति समझौते पर किए हस्ताक्षर
पश्चिम एशिया में शांति की ओर एक और कदम आगे बढ़ चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे पर सहमति जताते हुए हस्ताक्षर कर दिए हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, ट्रंप ने बुधवार शाम को वर्साय पैलेस में आयोजित रात्रिभोज के दौरान अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर किए।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पश्चिम एशिया संघर्ष समाप्त करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी पक्ष की ओर से मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने पहले ही इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए थे।
04:07 AM, 18-Jun-2026
समझौते को लेकर ट्रंप ने नहीं की तारीख की पुष्टि
ईरान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर को लेकर अटकलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों के सवाल में कहा, समझौतों के बारे में कभी निश्चित नहीं हुआ जा सकता। लेकिन आपको बहुत जल्द पता चल जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अमेरिका-ईरान समझौते के हस्ताक्षर समारोह में मौजूद रह सकते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऐसा नहीं भी हो सकता।
04:01 AM, 18-Jun-2026
ट्रंप और पेजेशकियन कर सकते हैं शांति समझौते पर हस्ताक्षर: ईरानी विदेश मंत्रालय
ईरान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार देर रात संकेत दिया कि अमेरिका के साथ होने वाले समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन हस्ताक्षर कर सकते हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच होने वाले इस शांति समझौते पर आगामी शुक्रवार को औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाने हैं। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने यह टिप्पणी की। ये हस्ताक्षर समारोह दोनों देशों के लिए एक बड़ा कदम माना जाएगा। वर्ष 1980 में तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास बंधक संकट के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध समाप्त हो गए थे।
मसूद पेजेशकियन पश्चिमी देशों से बेहतर संबंध स्थापित करने के वादे के साथ राष्ट्रपति बने थे। हालांकि, जनवरी में प्रदर्शनकारियों की सामूहिक हत्या और युद्ध के बाद कट्टरपंथी धड़े सत्ता के प्रमुख केंद्रों पर हावी हो गए, जिसके चलते पिछले कई महीनों से उनकी भूमिका सीमित हो गई है।
02:58 AM, 18-Jun-2026
अमेरिका-ईरान समझौते पर रिपब्लिकन नेताओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया
अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख नेताओं ने अमेरिका-ईरान समझौते के कथित मसौदे पर अलग-अलग और मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। दक्षिण कैरोलिना के सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक्स पर लिखा कि उनका मानना है कि यह समझौता अमेरिका के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इससे होर्मुज जलडमरूमध्य धीरे-धीरे खुलना शुरू होगा। हालांकि उन्होंने लंबे समय की बातचीत को लेकर कुछ संदेह भी जताया।
उन्होंने आगे कहा, यह अभी तय नहीं है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अन्य मुद्दों पर एक स्वीकार्य और सत्यापन योग्य समझौते तक पहुंच सकता है या नहीं। लेकिन उन्हें लगता है कि कोशिश करने में ज्यादा नुकसान नहीं है।
वहीं, लुइसियाना के सीनेटर बिल कैसिडी ने इस समझौते की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर कोई रोक नहीं लगी है। उन्होंने आगे इसे विदेश नीति की दशकों की सबसे बड़ी गलती बताया।
02:49 AM, 18-Jun-2026
West Asia LIVE: ‘बातों से नहीं, कामों से होगा मूल्यांकन’, US-ईरान समझौते पर बोले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
ईरान ने अमेरिका के साथ जारी अविश्वास के बीच कहा कि उसकी ‘उंगली ट्रिगर पर है’, यानी वह किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरानी संसद के अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा, मेरा अमेरिका पर सबसे ज्यादा अविश्वास और संदेह है। भले ही कोई समझौता अंतिम हो जाए और उसे सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव से मंजूरी भी मिल जाए, तब भी वह पूरी तरह भरोसेमंद नहीं होगा।
उन्होंने आगे कहा, कूटनीतिक संघर्ष और सैन्य संघर्ष के बीच की दूरी बहुत कम है और हमारा हाथ ट्रिगर पर है। गालिबाफ ने यह भी कहा कि अमेरिका ने हमारे लिए होर्मुज जलडमरूमध्य की संभावनाओं को वास्तविकता बना दिया है। उन्होंने आगे कहा, ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में संप्रभु अधिकार हैं और स्वाभाविक रूप से हम अपनी सेवाओं के लिए शुल्क वसूल करेंगे।


