वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस बीच जानकारी सामने आ रही है कि अमेरिका से डिपोर्ट (देश निकाला) किए गए 100 से ज्यादा वेनेजुएलाई नागरिक लापता हैं। जीवित बचे लोगों के अनुसार, जब भूकंप आया तब ये लोग एक होटल में ठहरे हुए थे। जो कि मलबे में तब्दील हो गया है।
डिपोर्ट होने के कुछ घंटे बाद ही आया भूकंप
मियामी से एक फ्लाइट बुधवार को काराकस पहुंची थी। इस विमान में 146 वेनेजुएलाई नागरिक सवार थे, जिनमें 19 महिलाएं और सात बच्चे शामिल थे। ‘ह्यूमन राइट्स फर्स्ट’ की एक पहल ‘आईसीई फ्लाइट मॉनिटर’ ने इस उड़ान की जानकारी दी थी। इन लोगों को ला गुआइरा के ‘होटल सैंचुअरी ला लानाडा’ में ले जाया गया था। यह इलाका 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक है।
मलबे से बचकर निकले लोगों ने सुनाई आपबीती
58 साल की लिस्बेथ पोर्टिलो ने बताया कि वह करीब 20 अन्य लोगों के साथ होटल के मलबे से बाहर निकलने में सफल रहीं। उन्होंने देखा कि लोग बदहवास होकर सड़कों पर भाग रहे थे। लिस्बेथ ने बताया कि वह होटल की दूसरी मंजिल पर 16 अन्य महिलाओं के साथ एक कमरे में थीं। तभी अचानक धरती हिलने लगी और छत गिर गई। वह एक बीम के नीचे दब गई थीं, लेकिन भूकंप के अगले झटके ने मलबे को हिला दिया और वह बाहर निकल पाईं। उन्होंने कहा, ‘मेरा दोबारा जन्म हुआ है, भगवान ने मुझे दूसरा मौका दिया है।’
एक अन्य 24 साल की जेनी रोड्रिगेज ने बताया कि वह मलबे के नीचे फंस गई थीं। उनके साथ आए एक साथी ने उनका हाथ देखा और उन्हें बाहर निकाला। जेनी ने इसे भगवान का चमत्कार बताया।
अपनों की तलाश में भटकते परिजन
लिलियाना रोहास अपने 33 साल के साथी को ढूंढने की कोशिश कर रही हैं। टेक्सास के डिटेंशन सेंटर ने उन्हें सिर्फ इतना बताया कि उनके साथी को डिपोर्ट कर दिया गया है। लिलियाना ने कहा कि अब कोई भी इस बारे में जवाब नहीं दे रहा है कि वे लोग कहां और किस हाल में हैं। वेनेजुएला सरकार के अनुसार, इस भूकंप में अब तक 1,700 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
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अमेरिका की डिपोर्टेशन नीति
यह घटना अमेरिका में चल रहे बड़े पैमाने पर डिपोर्टेशन अभियान के बीच हुई है। मई महीने में अमेरिका ने वेनेजुएला के लिए 12 उड़ानें संचालित की थीं। फरवरी 2025 में 13 महीने के अंतराल के बाद वेनेजुएला के लिए ये उड़ानें फिर से शुरू हुई थीं। पोर्टिलो 2021 में अमेरिका गई थीं और वहां उनकी शरण की अर्जी लंबित थी, लेकिन उन्हें वापस भेज दिया गया।
वेनेजुएला सरकार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें इन लोगों के काराकस एयरपोर्ट पहुंचने की तस्वीरें दिखाई गई हैं। फिलहाल, ला गुआइरा में राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन संचार व्यवस्था ठप होने के कारण अपनों की जानकारी जुटाना मुश्किल हो रहा है।


