US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर जहां उम्मीदें बनी हुई हैं, वहीं सीजफायर खत्म होने की समय-सीमा नजदीक आते ही तनाव और बढ़ गया है. इसी बीच भारतीय मूल की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की सदस्य Nikki Haley ने बड़ा दावा किया है.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी के दौरान जब्त किए गए ईरानी जहाज में चीन से मिसाइल बनाने वाले केमिकल्स लाए जा रहे थे. हेली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में रोका गया जहाज बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं रुका और उसमें संवेदनशील सामग्री मौजूद थी.
यूएस का सनसनीखेज दावा
यह जहाज Islamic Republic of Iran Shipping Lines से जुड़ा “Touska” बताया जा रहा है, जिसे अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी में चाबहार बंदरगाह के पास रोका. Marine Traffic के शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह जहाज चीन से ईरान की ओर जा रहा था और पहले से अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में था.
अमेरिका के इन दावों के बाद इस संघर्ष में चीन की संभावित भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. हेली का कहना है कि ईरान को चीन की मदद “वास्तविक” है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
ईरान का कड़ा रिएक्शन
दूसरी ओर ईरान ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. ईरानी सेना ने इसे “सशस्त्र समुद्री डकैती” करार देते हुए अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है. साथ ही तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिकी नाकेबंदी हटाई नहीं जाती, वह इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता में शामिल नहीं होगा.
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन सैन्य तनाव, आरोप-प्रत्यारोप और बाहरी शक्तियों की भूमिका इस पूरे संकट को और जटिल बना रही है.

