यूपी बोर्ड ने स्कूलों के बाद अब बच्चों और उनके पेरेंट्स को चेताया है। (Image source : ANI)
स्कूलों को अलर्ट जारी करने के करीब 6 घंटे बाद यूपी बोर्ड ने अब छात्रों और उनके अभिभावकों को भी सतर्क किया है। बोर्ड ने साफ कहा है कि अगर कोई पैसे लेकर नंबर बढ़ाने का दावा करता है तो उससे सावधान रहें। इससे पहले बोर्ड ने दोपहर करीब 3 बजे स्कूलों को निर्देश दिया था कि 6-7 अप्रैल तक 12वीं के प्रैक्टिकल मार्क्स आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएं, और अब ठगी से बचाने के लिए यह नया अलर्ट जारी किया गया है।
शुक्रवार रात जारी नोटिस में सचिव भगवती सिंह ने बताया कि पिछले अनुभवों के आधार पर यह देखा गया है कि साइबर ठग छात्रों और उनके माता-पिता को अलग-अलग तरीकों से फंसाने की कोशिश करते हैं। ये लोग फोन करके मार्क्स बढ़ाने का लालच देते हैं और दावा करते हैं कि उनकी पहुंच बोर्ड के डेटा तक है, यहां तक कि वे खुद को बोर्ड का कर्मचारी भी बताने लगते हैं।
बोर्ड ने साफ किया है कि ऐसे सभी दावे झूठे हैं और इस तरह की ठगी करने वालों के खिलाफ यूपी पुलिस की मदद से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा न करें, अपनी निजी जानकारी या बैंक डिटेल किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें। अगर ऐसा कोई कॉल आए तो उसे रिकॉर्ड करें और तुरंत अपने जिले के DIOS को जानकारी दें या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
इससे पहले यूपी बोर्ड ने स्कूलों के लिए अलर्ट जारी कर कहा था कि जिन स्कूलों ने अबतक प्रैक्टिकल परीक्षा के अंक अपडेट नहीं किए हैं वे समय पर यह जरूरी काम निपटा लें। शुक्रवार दोपहर जारी नोटिफिकेशन के जरिए स्कूलों को अलर्ट करते हुए बोर्ड ने कहा कि जांच में पता चला है कि 652 परीक्षा केंद्रों में आंतरिक परीक्षकों ने अभी भी अपने स्कूल के लॉगिन से छात्रों के अंक अपलोड नहीं किए हैं। स्कूलों की इस लापरवाही से 12वीं क्लास से करीब 34,637 बच्चों के रिजल्ट पर असर पड़ने की उम्मीद है।
बोर्ड के मुताबिक समय पर अंक अपलोड न होने और नतीजों में गड़बड़ी के लिए स्कूल के प्रिंसिपल, आंतरिक परीक्षक और DIOS जिम्मेदार होंगे।यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह के मुताबिक छात्रहितों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड प्रैक्टिकल मार्क्स अपलोड करने के लिए स्कूलों को एक और मौका दिया है। 12वीं क्लास की प्रैक्टिकल परीक्षा दिए जिन बच्चों के अंक बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर अभी भी अपडेट नहीं हैं। ऐसे सभी स्कूलों को 6 और 7 अप्रैल 2026 को वेबसाइट पर लिंक फिर से एक्टिव होंगे। इस दौरान यूपी बोर्ड के ये स्कूल प्रैक्टिकल परीक्षा के अंक अपलोड कर सकते हैं।
जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक यूपी बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर 6 और 7 अप्रैल को एक्टिव रहने वाले लिंक की मदद से ऐसे सभी स्कूलों अंक अपलोड करना जरूरी है। बोर्ड का साफ कहना है कि अगर तय तारीख तक 12वीं क्लास की प्रैक्टिकल परीक्षा के अंक अपलोड नहीं किए गए, तो उन छात्रों को अनुत्तीर्ण यानी फेल माना जाएगा। इसके लिए स्कूल के प्रधानाचार्य, आंतरिक परीक्षक और जिला विद्यालय निरीक्षक जिम्मेदार होंगे.
यूपी बोर्ड ने इस बार 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं दो फेज में कराई थी। पहला फेज 24 जनवरी से 1 फरवरी 2026 के बीच और दूसरा फेज 2 फरवरी से 9 फरवरी 2026 के बीच संपन्न हुआ था। हालांकि इस दौरान कुछ स्कूलों में प्रैक्टिकल पूरी नहीं हुई थी या अंक ऑनलाइन अपलोड नहीं हुए थे। इसलिए बोर्ड ने प्रैक्टिकल की तारीख 13 फरवरी 2026 तक बढ़ा दी थी।
कितने बच्चों ने दी है यूपी बोर्ड 10वीं, 12वीं की परीक्षा
इस साल यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा के लिए 53,37,778 बच्चों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें हाईस्कूल के 27 लाख और इंटर के 25 लाख बच्चे शामिल हैं। इस बार 7,998 परीक्षा केंद्रों पर 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच हुई परीक्षा में बैठे करीब 52 लाख बच्चों को अपने नतीजों का बेसब्री से इंतजार है। पिछले साल 54,37,174 बच्चों ने यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं क्लास की परीक्षा दी थी। यानी बीते साल के मुकाबले इस बार 2 लाख कम बच्चों ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। UPMSP के मुताबिक 18 फरवरी 2026 से शुरू हुई 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं 12 मार्च तक यानी 15 दिन तक चली। वहीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 11 मार्च तक यानी सिर्फ 14 दिनों में एग्जाम खत्म हुई।
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