सहारनपुर को जल्द मिलेगा अपना एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज का दूसरा चरण भी शुरू’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़क और रेलवे कनेक्टिविटी के बाद अब सहारनपुर हवाई कनेक्टिविटी के लिए भी तैयार हो रहा है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर को जल्द अपना एयरपोर्ट मिलेगा, जिससे लोगों को दिल्ली या देहरादून जाकर उड़ान भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अब सहारनपुर से ही हवाई सेवाएं शुरू होंगी और यह जिले के नए विकास की आधारशिला बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर में मेडिकल कॉलेज के प्रथम चरण का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण के विकास कार्यों की आधारशिला भी रखी जा रही है। इसके अलावा शहर में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और सीवेज प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की भी आधारशिला रखी जा रही है, ताकि नालों में बिना शोधन के गंदा पानी न बहे।
उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के जरिए विकास कैसे किया जाता है, इसका उदाहरण आज सहारनपुर बन रहा है।
‘सहारनपुर की वुड कार्विंग वैश्विक पहचान बना रही, 600 करोड़ से अधिक का निर्यात’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सहारनपुर के कारीगरों और हस्तशिल्पियों ने अपनी पारंपरिक वुड कार्विंग कला को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ODOP)’ योजना के माध्यम से सहारनपुर की वुड कार्विंग को वैश्विक पहचान मिली है और आज यहां से 600 करोड़ रुपये से अधिक के वुड कार्विंग उत्पादों का निर्यात हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्यात क्षमता किसी भी देश की आर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा आधार होती है। जितना अधिक निर्यात होगा, उतनी ही अधिक विदेशी मुद्रा देश में आएगी और भारत की अर्थव्यवस्था उतनी ही मजबूत होगी। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उस समय सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़ और मथुरा जैसे शहर दंगों के लिए जाने जाते थे तथा कर्फ्यू आम बात बन गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कैराना और कांधला से पलायन की घटनाएं होती थीं, बेटियां और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे तथा प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। उन्होंने 2011-12 के दौरान मुरादाबाद में तत्कालीन विधायक पर हुए हमले का भी उल्लेख किया।

