लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

UAE का कर्ज चुकाने के लिए पाकिस्तान ने सऊदी से मांगी मदद? मोहम्मद बिन सलमान बोले- ये लो 2,000,000,000 डॉलर और…

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तीन देशों, सऊदी अरब, कतर और तुर्किए के दौरे पर हैं. पीएम शहबाज के दौरे के बीच सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर की मदद दी है. दरअसल, पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस महीने के अंत तक तीन अरब डॉलर का कर्ज लौटाने के लिए कहा था. ऐसे में पाकिस्तान ने अब सऊदी अरब से मदद मांगी है, ताकि वह यूएई से लिया कर्ज लौटा सके.

पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने गुरुवार (16 अप्रैल, 2026) को पुष्टि की है कि पाकिस्तान को सऊदी अरब से 2 अरब डॉलर मिले हैं. सेंट्रल बैंक ने कहा कि राशि 15 अप्रैल 2026 की वैल्यू डेट में मिली थी. यह डेवलपमेंट ऐसे समय में हुआ है, जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मिडिल ईस्ट में शांति को बढ़ावा देने और डिप्लोमैटिक कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए सऊदी अरब गए हैं.

डॉन के अनुसार, सऊदी अरब ने एक दिन पहले पाकिस्तान के लिए अतिरिक्त 3 अरब डॉलर डिपॉजिट देने का वादा किया था और अपनी मौजूदा 5 बिलियन डॉलर की फैसिलिटी को तीन साल के लिए बढ़ा दिया. पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि मौजूदा 5 बिलियन डॉलर सऊदी डिपॉजिट अब पिछले सालाना रोलओवर अरेंजमेंट के तहत नहीं आएगा और इसके बजाय इसे लंबे समय के लिए बढ़ाया जाएगा.

यह भी पढ़ें:- Chinmoy Krishna Das: जमानत मिली, लेकिन राहत नहीं! बांग्लादेश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास क्यों जेल में रहेंगे

पाकिस्तान के आर्थिक हालात बहुत बुरे हो चुके हैं, देश में महंगाई अपनी सीमा पार कर चुकी है. पाकिस्तान के ऊपर विदेशी कर्ज बहुत ज्यादा है और यह पहले से ही बढ़ती ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट में तनाव से जुड़े आर्थिक असर से दबाव में है.

डॉन ने आधिकारिक आंकड़ों के हवाले से बताया कि 27 मार्च तक पाकिस्तान का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 16.4 बिलियन डॉलर था, जो करीब तीन महीने के इंपोर्ट को कवर करने के लिए काफी है. हालांकि, यूएई से रीपेमेंट की जरूरत ने देश की अर्थव्यवस्था पर नया दबाव डाल दिया है.

यह भी पढ़ें:- Iran-US war: हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत का अल्टीमेटम- ‘हमले बर्दाश्त नहीं….’

मार्च में, पाकिस्तान 3.5 बिलियन डॉलर की फैसिलिटी को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के साथ समझौता करने में नाकाम रहा. यह सात साल में पहली ऐसी असफलता थी और इससे शॉर्ट-टर्म फाइनेंसिंग गैप को लेकर चिंता बढ़ गई.

पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने माना कि पाकिस्तान की फॉरेन एक्सचेंज पोजीशन दबाव में है. आईएमएफ समर्थित रिफॉर्म्स के तहत एक बड़े स्टेबिलाइजेशन की कोशिश का हिस्सा बनी हुई है. विश्लेषकों का कहना है कि बाहरी फंडिंग रिस्क एक बड़ी कमजोरी बनी हुई है, खासकर एनर्जी की अस्थिर कीमतों और सीमित ग्लोबल कैपिटल मार्केट के बीच.

]
Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

‘रुको! मैं ही लेता हूं सारे फैसले…’, मिसाइल हमले पर भड़के ट्रंप, नेतन्याहू को फोन पर दी चेतावनी

रनवे को टच करते ही उठा धुआं, पलक झपकते ही आग का गोला बन गया हवाई जहाज, रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो

जमींदोज इमारतें, थर-थर कांपते लोग, स्कूल से मॉल तक मची चीख-पुकार… फिलीपींस भूकंप के तबाही वाले VIDEO

China-North Korea Relations: 7 साल बाद आखिर क्यों तानाशाह किम जोंग उन से मिलने जा रहे हैं शी जिनपिंग? वजह उड़ा देगी होश

Israel Iran War Live Updates: ‘इजरायल को भारी कीमत चुकानी होगी’, मिसाइल अटैक पर भड़का ईरान, हूती भी जंग में कूदे

यूक्रेन-रूस युद्ध रोकने की कोशिशें तेज, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने सीधी वार्ता का किया समर्थन

Leave a Comment