तृणमूल कांग्रेस छोड़ने और राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा देने पर सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा, ‘यह चोरों और दुष्कर्मियों की पार्टी है… आरजी कर की घटना ने मुझे फैसला लेने में मदद की। अगर मैं तब पार्टी छोड़ देता, तो कॉन्ट्रैक्ट किलर्स मेरी हत्या कर सकते थे’। उन्होंने आगे कहा, ‘जब आरजी कर की घटना हुई, तो लोग सड़कों पर उतर आए। मैंने अपने राजनीतिक करियर में ऐसा कुछ कभी नहीं देखा था, और मैंने इस बारे में आवाज उठाई। मैंने कहा कि इसमें शामिल सभी लोगों को फांसी दी जानी चाहिए, मैंने एक ट्वीट भी किया और विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुआ…तब मेरे ट्वीट के लिए मुझे तलब भी किया गया था’।
VIDEO | Delhi: Sukhendu Sekhar Ray on quitting the TMC and resigning as Rajya Sabha MP, says, “A party of thieves, rapists… RG Kar incident helped me make up my mind. Had I quit then, could have been murdered by contract killers.”#TMC #TrinamoolCongress
(Full video available… pic.twitter.com/Cs8cBerWGx
— Press Trust of India (@PTI_News) June 9, 2026
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टीएमसी के शासन को बताया था अराजक
बीते दिन, सुखेंदु शेखर राय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था, ‘राज्य के इतिहास में पहली बार जनता ने भाजपा को भारी जनादेश दिया है, जिससे टीएमसी के 15 साल के अराजक शासन का अंत हो गया है। यह शासन व्यापक भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कानून व्यवस्था, रोजगार आदि क्षेत्रों में घोर विफलताओं के कारण पनपा था… जनता के इस ऐतिहासिक फैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हुए, मैं इस्तीफा दे रहा हूं’।
आरजी कर कांड का भी किया था जिक्र
राज्यसभा सांसद पद और टीएमसी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद, सुखेंदु शेखर राय ने आरजी कर हत्याकांड और दुष्कर्म की घटना पर कहा था, ‘सत्ता का नशा उनके (टीएमसी) सिर पर इस हद तक चढ़ गया था कि उन्हें लगता था कि दुनिया में कोई उन्हें छू नहीं सकता’।
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पार्टी के शासन काल की जमकर की थी आलोचना
उन्होंने कहा था कि राज्य की जनता ने पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भारी जनादेश देकर टीएमसी के 15 साल के शासन को समाप्त करने का फैसला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन के दौरान व्यापक भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अत्याचार, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, उद्योगों की कमी, कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और रोजगार के अवसरों की कमी जैसी समस्याएं लगातार बढ़ती रहीं।

