नर्मदा नदी पर बने विशाल बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे में दो मृतकों के शव डी-कंपोज हो गए। इन शवों की हालत बेहद खराब हो गई थी और बदबू आने के कारण पायलट ने विमान उड़ाने से इंकार कर दिया। जिला प्रशासन के अफसरों की समझाइश के बाद तथा बदबू मिटाने के लिए स्प्रे करने के बाद पायलट ने उड़ान भरी।

विदित हो कि राज्य सरकार ने जबलपुर आर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज और उनके बेटे श्रीतमिल, भतीजे श्रीमयूरन का शव उनके गृह जिले तमिलनाडू के त्रिची भेजने की व्यवस्था की थी। शवों से तेज बदबू आने के बारण फ्लाइट ऑपरेटर ने शवों को ले जाने से साफ मना कर दिया। जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी तुरंत जबलपुर एयरपोर्ट आए। शवों से आ रही बदबू दूर करने उन पर खूब स्प्रे छिड़का और अच्छे से टेपिंग की गई। इसके साथ ही अधिकारियों ने फ्लाइट ऑपरेटर को किसी तरह मनाया, जब जाकर उसने उड़ान भरी।
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ओएफके के कामराज आर सहित परिवार के पांच की मौत
हादसे में आर्डनेंस फैक्ट्री के कामराज आर सहित परिवार के पांच लोगों की मौत हुई। उनकी पत्नी व पांच साल के बेटे श्रीतमिल की जान भी चली गई। कामराज मूलतरू तमिलनाडू के त्रिचि के निवासी थे। ऐसे में सरकार ने उनका और बेटे का शव वहां भिजवाने के लिए चार्टेड प्लेन हायर किया। सोमवार को जैसे ही विमान में पिता पुत्र के शव रखे गए, फ्लाइट ऑपरेटर ने उड़ान भरने से मना कर दिया। उसने कहा कि शव बुरी तरह खराब हो चुके हैं, इनमें से तेज बदबू आ रही है। अधिकारियों ने शवों पर खूब स्प्रे छिड़काया, इसके साथ ही कॉफिन में अच्छे से टेपिंग की गई, इसके बाद ही ऑपरेटर त्रिची के लिए उड़ान भरने पर राजी हुआ।
कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार को एयरपोर्ट भेजा
यह जानकारी मिलते ही कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने रांझी एसडीएम मोनिका वाघमारे और तहसीलदार आदर्श जैन को जबलपुर एयरपोर्ट भेजा। दोनों अधिकारियों ने शवों पर खूब स्प्रे छिड़काया। इसके साथ ही कॉफिन में दोबारा अच्छे से टेपिंग की गई। इसके बाद ही फ्लाइट ऑपरेटर शवों के साथ त्रिची के लिए उड़ान भरने पर राजी हुआ। पिता पुत्र के शवों के साथ फ्लाइट जबलपुर एयरपोर्ट से करीब 9 बजे रवाना हुई।

