अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर नियोजित सैन्य हमले रोकने और समझौते की संभावना जताने के बाद भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में जोरदार तेजी दर्ज की गई। ट्रंप ने कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के अनुरोध पर यह फैसला लिया। इस खबर से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों और अदाणी समूह की कंपनियों में खरीदारी से भी बाजार को समर्थन मिला। विदेशी फंड के प्रवाह ने भी इक्विटी में सकारात्मक प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया।
बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 366.71 अंक बढ़कर 75,706.88 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 107.45 अंक की बढ़त के साथ 23,760 पर कारोबार कर रहा था। ट्रंप ने सोमवार देर दोपहर ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की थी। उन्होंने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि ईरान के साथ बहुत बड़ी चर्चाएं हुई हैं और उनका परिणाम देखना बाकी है। सेंसेक्स की तीस कंपनियों में इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, ट्रेंट और इंटरग्लोब एविएशन प्रमुख लाभ में रहीं। अल्ट्राटेक सीमेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन और इटरनल जैसी कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल दो फीसदी गिरकर 109.9 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे बाजार को और मजबूती मिली।
अदाणी समूह के शेयरों में उछाल
अदाणी समूह के शेयरों में भी मंगलवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गई। यह उछाल अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से हटाने के बाद आया। न्यूयॉर्क में चल रहे प्रतिभूति और वायर धोखाधड़ी के इस हाई-प्रोफाइल मामले को अभियोजकों ने पूरी तरह से बंद कर दिया। अभियोजकों ने निष्कर्ष निकाला कि वे आरोपों को बनाए नहीं रख सकते थे। इस खबर से अडानी समूह की कंपनियों में निवेशकों का विश्वास बढ़ा और उनके शेयरों में जोरदार खरीदारी हुई।
वैश्विक बाजार और भू-राजनीतिक स्थिति
एशियाई बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया का मानक सूचकांक कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक गिरावट पर कारोबार कर रहे थे। हालांकि, शंघाई का एसएसई समग्र सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक तेजी के साथ खुले। अमेरिकी बाजार सोमवार को मिश्रित नोट पर बंद हुए थे। एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों से तनाव कम होने की कुछ उम्मीद जगी है। हालांकि, व्यापक भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि अभी भी अत्यधिक अस्थिर बनी हुई है, जिससे निवेशक सतर्क हैं।
निवेशकों की सतर्कता और भविष्य की संभावनाएं
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 2,813.69 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जो बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि एफआईआई की खरीदारी भारत में मूल्यांकन को आकर्षक बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एआई शेयरों में बुलबुले के मूल्यांकन की चिंताएं बढ़ रही हैं। यदि एफआईआई की खरीदारी एक प्रवृत्ति बन जाती है, तो वित्तीय क्षेत्र के बड़े पूंजी वाले शेयर ऊपर जा सकते हैं। सोमवार को बीएसई मानक 77.05 अंक या 0.10 फीसदी बढ़कर 75,315.04 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 6.45 अंक या 0.03 फीसदी बढ़कर 23,649.95 पर समाप्त हुआ था।


