हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार में जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 400 से अधिक अंक चढ़कर 77,616.73 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24,150 के स्तर को पार कर 24,188.35 पर बंद हुआ। इस दौरान इंफोसिस के शेयरों में 3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, वहीं विप्रो के शेयर 1 फीसदी गिर गए।

बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि निफ्टी मौजूदा समर्थन स्तरों से ऊपर बना रहेगा। यह 24,250 से 24,350 के क्षेत्र की ओर वापसी कर सकता है। यह क्षेत्र निफ्टी की हालिया समेकन सीमा का ऊपरी छोर है। वैश्विक बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार मजबूत रहे। सुबह 10:50 बजे टोक्यो के समय के अनुसार, एसएंडपी 500 वायदा 0.5 फीसदी गिर गया। जापान का टॉपिक्स 2.4 फीसदी नीचे रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.8 फीसदी गिरा।
हांगकांग का हैंग सेंग 0.8 फीसदी और शंघाई कंपोजिट 1 फीसदी नीचे आया। यूरो स्टॉक्स 50 वायदा में भी 0.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस बीच, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे मजबूत हुआ। रुपया शुरुआती कारोबार में 96.28 के स्तर पर पहुंच गया।
भारतीय बाजार में यह उछाल क्यों आया?
भारतीय शेयर बाजार में यह उछाल वैश्विक गिरावट के विपरीत रहा। सेंसेक्स में 429.86 अंकों की वृद्धि हुई, जो 0.55 फीसदी का लाभ दर्शाता है। निफ्टी में भी 115.60 अंकों की बढ़त दर्ज की गई, जो 0.48 फीसदी की वृद्धि है। इंफोसिस जैसे प्रमुख शेयरों में वृद्धि ने बाजार को सहारा दिया। यह घरेलू निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाता है।
रुपये की मजबूती का क्या अर्थ है?
रुपये में 14 पैसे की वृद्धि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले उसकी मजबूती को दर्शाती है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। मजबूत रुपया आयात को सस्ता बनाता है और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह विदेशी निवेश को भी आकर्षित कर सकता है। रुपये का 96.28 पर पहुंचना बाजार में विश्वास को बढ़ाता है।

