भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 332 अंक नीचे 76,059.77 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 102.15 अंक गिरकर 23,767.45 पर आ गया, जो 23,800 के स्तर से नीचे रहा। दोनों प्रमुख सूचकांकों में 0.43 फीसदी की गिरावट देखी गई।


बाजार में व्यापक बिकवाली का माहौल बना रहा। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने भी निवेशकों को डरा दिया। इन सभी कारकों के चलते बाजार में तेज नुकसान का सिलसिला जारी रहा।
बाजार में लगातार गिरावट क्यों आई?
भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा। शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज नुकसान देखा गया। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का एक बड़ा कारण बनी। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। इन सभी कारणों से निवेशकों में जोखिम से बचने की भावना प्रबल रही।
किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ?
बाजार में व्यापक बिकवाली के बीच कुछ क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए। रियल्टी क्षेत्र सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला रहा। इसमें 1.49 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। रियल्टी के बाद ऑटो, धातु, तेल एवं गैस क्षेत्र भी नुकसान में रहे। वित्तीय सेवाएं क्षेत्र में भी गिरावट देखी गई। बैंकिंग सूचकांक भी दबाव में रहे, जिसमें निफ्टी बैंक और निजी बैंक में कमी आई।
किन शेयरों में तेज गिरावट देखी गई?
बाजार की गिरावट ने कई प्रमुख शेयरों को प्रभावित किया। बजाज फाइनेंस और इटरनल के शेयरों में प्रत्येक में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 332 अंक नीचे बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,800 के स्तर से नीचे आ गया। केवल एफएमसीजी और फार्मा क्षेत्र ही हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। यह दर्शाता है कि बाजार में निवेशकों का विश्वास कमजोर हुआ है।