एक दौर था जब केरल को पूर्व सीएम पिनाराई विजयन को केरल की राजनीति का सबसे ताकतवर चेहरा माना जाता था। सीपीआईएम के भीतर उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि पार्टी में उनके खिलाफ खुलकर आवाज उठाना लगभग असंभव माना जाता था। कन्नूर जिले के एक प्रभावशाली संगठनकर्ता से लेकर राज्य की राजनीति के सबसे बड़े वामपंथी नेता बनने तक का उनका सफर लंबे समय तक शक्ति, अनुशासन और राजनीतिक नियंत्रण का प्रतीक रहा। लेकिन अब वही पिनाराई विजयन प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की तलाशी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।
सीपीआईएम के नेता पर हुई यह पहली बड़ी कार्रवाई
तिरुवनंतपुरम और कन्नूर स्थित उनके आवासों पर ईडी की छापेमारी ने केरल की राजनीति में बड़ा प्रतीकात्मक संदेश दिया है। यह शायद पहली बार है जब सीपीआईएम के एक वरिष्ठ पोलित ब्यूरो सदस्य और दो बार के पूर्व मुख्यमंत्री को अपने करीबी परिवार से जुड़े वित्तीय मामले में केंद्रीय एजेंसी की ऐसी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, सीपीआईएम जैसी पार्टी, जिसने हमेशा संगठनात्मक नैतिकता और वैचारिक अनुशासन को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया, उसके लिए यह घटनाक्रम सिर्फ कानूनी मामला नहीं बल्कि राजनीतिक और नैतिक चुनौती भी बन गया है।


