लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Petrol-Diesel Price: खतरे की बज गई घंटी! अगले 5-7 दिनों में बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, इतनी होगी बढ़ोतरी

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

Petrol-Diesel Price Hike News: देश में महंगाई का एक ऐसा तूफान आने वाला है जो आपके घर के पूरे गणित को बिगाड़ कर रख देगा. सरकारी गलियारों से ऐसी खबरें छन कर बाहर आ रही हैं, जो सीधे आपकी जेब पर डाका डालने वाली हैं. सूत्रों ने बताया है कि अगले पांच से सात दिनों के भीतर तेल कीमतों पर सरकार एक बड़ा फैसला लेने जा रही है.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बदलते हालातों और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ने वाले इसके असर पर सरकार की पैनी नजर है. अभी भले ही अंतिम मुहर न लगी हो, लेकिन संकेत साफ हैं कि बहुत जल्द पेट्रोल, डीजल की कीमतों में तगड़ी बढ़ोतरी हो सकती है. सिर पर तलवार लटक रही है, क्योंकि आंतरिक चर्चाएं जोरों पर हैं और अधिकारी इस बात का आकलन कर रहे हैं कि आखिर कितना बोझ जनता पर डाला जाए.

एयर इंडिया का बड़ा फैसला, रोजाना 100 फ्लाइट्स की होगी कटौती, महंगाई ने रोकी उड़ान

पेट्रोल-डीजल के दाम में 4 से 5 रुपए तक के उछाल की आशंका

बता दें कि पेट्रोल-डीजल के दाम में 4 से 5 रुपए तक के उछाल की आशंका है. सरकार इस समय ‘दोराहे’ पर खड़ी है. एक तरफ तेल कंपनियों का वित्तीय दबाव है तो दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई का डर. लेकिन जनता को अब फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है, क्योंकि अगर ये कीमतें बढ़ीं तो इसका असर सीधे आपकी थाली और आपके सफर पर पड़ेगा.

ईंधन और रसोई गैस की कीमतों में होने वाली किसी भी बढ़ोतरी का व्यापक असर होता है. जब डीजल महंगा होता है तो ट्रकों का किराया बढ़ता है और जब किराया बढ़ता है तो फल-सब्जियों से लेकर हर जरूरत का सामान महंगा हो जाता है. मध्यम वर्ग के लिए यह लोहे के चने चबाने जैसा होने वाला है, क्योंकि घरेलू बजट पहले से ही खिंचा हुआ है. 

होटल एसोसिएशन का बड़ा फैसला, ग्राहकों को ही देना होगा महंगे सिलेंडर का पैसा, रेस्टोरेंट्स में बढ़ेंगे दाम

संतुलन बनाने की कोशिश कर रही सरकार- सूत्र

सूत्रों ने बताया कि सरकार फिलहाल संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि महंगाई बेकाबू न हो, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में यह एक बेहद संवेदनशील नीतिगत फैसला है. खतरे की घंटी बज चुकी है और अगले एक हफ्ते में तस्वीर बिल्कुल साफ होने की उम्मीद है.

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment