हरियाणा के पानीपत शहर के टीडीआई सिटी के एक स्कूल में चार वर्षीय नर्सरी की छात्रा से डिजिटल दुष्कर्म के मामले में 41 वर्षीय शारीरिक शिक्षक संजोत को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष शर्मा की अदालत ने दोषी को 40 साल की कठोर कैद और 45 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को दो साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। दोषी शारीरिक शिक्षक ने स्कूल के बाथरूम में बच्ची के साथ गलत काम किया था। बच्ची के शोर मचाने पर उसे इंजेक्शन लगाने की धमकी दी थी। अदालत ने बच्ची की गवाही को सबसे अहम मानते फैसला सुनाया है।


तीन साल में फैसला…मोबाइल फोन में फोटो देखकर बच्ची ने की थी आरोपी की पहचान
मामला 16 मई 2023 का है। शहर के सेक्टर-1 निवासी चिकित्सक पिता ने थाना सेक्टर-13-17 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी चार साल की बेटी टीडीआई के एक निजी स्कूल की नर्सरी में पढ़ती है। उनकी बेटी के व्यवहार में 20-25 दिन से काफी परिवर्तन आया हुआ है और वह चिड़चिड़ी रहने लगी। वह स्कूल बस को देखकर सहम जाती और रोने लगती थी।
बेटी का व्यवहार देखकर उन्हें कुछ शक हुआ तो उनकी मां ने उससे प्यार से बात की। बच्ची ने बताया कि स्कूल में मूंछ वाले अंकल उन्हें गलत तरीके से छूते हैं और इंजेक्शन लगाते हैं। वे बेटी को लेकर स्कूल पहुंचे। प्रिंसिपल ने अपने मोबाइल में बच्ची को स्टाफ की फोटो दिखाई। बच्ची ने शारीरिक शिक्षक संजोत का फोटो देखकर उसे पहचान लिया।
यह होता है डिजिटल दुष्कर्म
डिजिटल दुष्कर्म में इस्तेमाल होने वाला शब्द डिजिटल लैटिन भाषा के शब्द डिजिटस से आया है। डिजिटस का मतलब अंगुली से है। यह अंगुली, हाथ या पैर, किसी की भी हो सकती है। डिजिटल रेप का मतलब वह यौन अपराध है, जिसमें सहमति के बिना अंगुली या कोई और वस्तु लड़की या महिला के प्राइवेट पार्ट्स में डाली जाती है।
-संजीव कुमार, जिला न्यायवादी, पानीपत