अमेरिका ने उत्तर कोरिया को निर्यात किए जाने वाले कुछ चिकित्सा उपकरणों पर नियंत्रण और कड़ा कर दिया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने ऐसे मेडिकल उपकरणों की सूची जारी की है, जिनके उत्तर कोरिया निर्यात के लिए अब विशेष सरकारी अनुमति लेना जरूरी होगा। अमेरिकी वित्त विभाग के ऑफिस ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने गुरुवार को यह सूची जारी की। इसके तहत अब कुछ चिकित्सा उपकरण सामान्य लाइसेंस के दायरे से बाहर कर दिए गए हैं। पहले सामान्य लाइसेंस के तहत कुछ कृषि उत्पादों, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों के निर्यात की अनुमति थी।
ओएफएसी के अनुसार, सूची में शामिल उपकरणों को उत्तर कोरिया भेजने से पहले विशेष स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। यह नियम गुरुवार से प्रभावी हो गया है।
किन उपकरणों पर लगेगा प्रतिबंध?
- ऑक्सीजन जनरेटर
- एक लीटर प्रति मिनट से अधिक प्रवाह क्षमता वाले पंप
- गामा इमेजिंग उपकरण
- टैक्टाइल इमेजिंग उपकरण
- थर्मोग्राफी मशीनें
- फ्रीज-ड्राइंग और स्प्रे-ड्राइंग उपकरण
- डीकंटैमिनेशन शॉवर
- प्रयोगशाला शेकर्स और इन्क्यूबेटर शेकर्स
- कार्बन डाइऑक्साइड इन्क्यूबेटर
दोहरे उपयोग वाले उपकरणों के निर्यात पर बैन
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम उन उपकरणों के निर्यात को सीमित करने के लिए उठाया गया है, जिनका उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को लगातार आगे बढ़ा रहा है। वॉशिंगटन और सियोल के साथ परमाणु मुद्दे पर बातचीत लंबे समय से ठप पड़ी हुई है।
जी-7 सम्मेलन में ट्रंप-ली मुलाकात पर संशय
इस बीच, दक्षिण कोरिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले सप्ताह होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ता करेंगे या नहीं। दोनों नेताओं के G7 सम्मलेन में शामिल होने की उम्मीद है, जो सोमवार से बुधवार तक फ्रांस के एवियन में आयोजित होगा। दक्षिण कोरिया को लगातार दूसरे वर्ष आमंत्रित साझेदार देश के रूप में सम्मेलन में बुलाया गया है। दक्षिण कोरियाई अधिकारी ने कहा कि अवसर मिलने पर बातचीत संभव है, लेकिन फिलहाल संभावित शिखर बैठक पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।


