उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर सड़क पर धार्मिक गतिविधियों, खासतौर पर नमाज अदा किए जाने को लेकर एक सख्त बयान दिया है। अमर उजाला संवाद में अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने साफ कहा है कि सड़कें चलने के लिए होती हैं। ऐसे में किसी को भी सड़कों को रोकने या इसका आवागमन बाधित करने का कोई अधिकार नहीं है। योगी के इस बयान ने यूपी से लेकर पूरे देश में बहस का एक सिलसिला छेड़ दिया है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब यूपी सीएम के तौर पर योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज का मुद्दा उठाया और इसे सार्वजनिक तौर पर रोकने की मांग की है। वह 2017 में मुख्यमंत्री पद ग्रहण करने के बाद से लेकर अब तक कई मौकों पर इस चलन का विरोध जता चुके हैं और यहां तक कि इसे लेकर शासन और प्रशासनिक स्तर पर आदेश भी जारी करवा चुके हैं।
आइये जानते हैं कि सीएम योगी ने अमर उजाला संवाद के मंच से क्या कहा? ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही है? आज से पहले कब-कब सीएम योगी सड़कों पर नमाज पढ़े जाने को लेकर सख्ती बरतने की बात कह चुके हैं? इसे लेकर उनकी सरकार में क्या नियम बनाए और लागू किए गए हैं? आइये जानते हैं…

