संसद की एक समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में किए जा रहे सुधारों और नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की समीक्षा करने का फैसला किया है। इसके लिए समिति ने एनटीए के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी और अन्य अधिकारियों को चर्चा के लिए बुलाया है।


शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल मामलों से जुड़ी संसद की स्थायी समिति 21 मई को शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से कथित पेपर लीक और एनटीए में सुधारों पर राय लेगी। यह जानकारी राज्यसभा के नोटिस में दी गई है।
एनटीए देशभर में कई स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए केंद्रीय प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करता है। बैठक में एनटीए में सुधारों के लिए बनी के. राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट को लागू करने की स्थिति की समीक्षा होगी। साथ ही नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच अभी किस चरण में है, इस पर भी चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी और एनटीए प्रमुख प्रदीप कुमार जोशी को चर्चा के लिए बुलाया है।
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23 लाख अभ्यर्थियों ने कराया था पंजीकरण
एनटीए ने तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) को रद्द कर दिया था, जब इसमें गड़बड़ियों के आरोप लगे। इस परीक्षा के लिए करीब 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। एनटीए ने इसे देशभर में आयोजित किया था। एनटीए के अनुसार, परीक्षा होने के चार दिन बाद यानी सात मई की शाम को कथित गड़बड़ी से जुड़ी जानकारी मिली थी।
शिक्षा मंत्री ने दोबारा परीक्षा की तारीख की घोषणा की
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा 21 जून को होगी। उन्होंने कहा था कि अगले साल से मेडिकल प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी।
एआई और रोजगार के लिए रणनीति पर चर्चा करेंगी समिति
समिति शिक्षा पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के असर और छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने की रणनीतियों पर भी चर्चा करेगी। इस चर्चा के लिए एंथ्रोपिक इंडिया, प्रथम, आईआईटी कानपुर, इंफोसिस और आईआईटी मद्रास के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है।
एक अलग बैठक में समिति अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुलपति और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (एनसीएमईआई) के अध्यक्ष के साथ संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेगी। इनमें आरक्षण लागू करना, खाली पद और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) जैसे मुद्दे शामिल हैं।
समिति महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की 2025-26 की अनुदान मांगों पर 365वीं रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों पर सरकार की कार्रवाई से जुड़ी 379वीं रिपोर्ट पर भी चर्चा करेगी।
इसके अलावा, समिति राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के कामकाज की समीक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षक प्रशिक्षण पहलों पर आधारित 368वीं रिपोर्ट की सिफारिशों पर सरकार की कार्रवाई से जुड़ी 380वीं रिपोर्ट पर भी विचार करेगी।
