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खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में रविवार को वन विभाग के अमले पर अतिक्रमणकारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। पिपलोद थाना क्षेत्र की आमा खुजरी बीट के कक्ष क्रमांक 748 में गश्त कर रहे करीब 45 वनकर्मियों के विशेष दल पर पहले से घात लगाए लोगों ने गोफन, पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया। महिलाओं ने वनकर्मियों के साथ झूमाझटकी की और उनकी वर्दी तक फाड़ दी। हमले में 10 से अधिक वनकर्मी घायल हुए, जिनमें पांच गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद पुलिस के देर से पहुंचने और घायलों के लिए समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के भी आरोप लगे हैं। फिलहाल पिपलोद थाने में 8 नामजद और 15 से अधिक अज्ञात अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटना के वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। कुछ अतिक्रमणकारियों के घायल होने की भी सूचना है।

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खंडवा में वनकर्मियों पर हमला
– फोटो : अमर उजाला
सुनियोजित हमले में कई वनकर्मी घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही वन विभाग की स्पेशल फ्लाइंग स्क्वॉड जंगल में पहुंची, पहले से छिपे अतिक्रमणकारियों ने गोफन से पत्थरों की बौछार शुरू कर दी। इसके बाद लाठियों से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से अफरा-तफरी मच गई। हमले में वनरक्षक ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत, राजेंद्र बागड़ी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी सहित कई कर्मचारी घायल हुए।
दो घंटे तक तड़पते रहे घायल
घायल वनकर्मियों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद गुड़ी रेंजर नरेंद्र पटेल मौके पर नहीं पहुंचे और खंडवा चले गए। करीब दो घंटे तक घायल वनकर्मी जंगल में बिना उपचार के पड़े रहे। उनका यह भी आरोप है कि डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन वनकर्मियों को अस्पताल ले जाने के बजाय उन अतिक्रमणकारियों को अस्पताल पहुंचाया, जो अपने ही गोफन से घायल हुए थे।

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खंडवा में वनकर्मियों पर हमला
– फोटो : अमर उजाला
पहले से था तनाव
हाल ही में वन विभाग और प्रशासन ने गुड़ी रेंज में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव बना हुआ था। वर्ष 2025 में भर्ती हुए 45 नए वनरक्षकों को प्रशिक्षण के बाद इसी रेंज में अतिक्रमण रोकने के लिए तैनात किया गया था। घटना के बाद कर्मचारियों ने सुरक्षा बढ़ाने और अभियान के दौरान पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की है।
पेड़ों और गड्ढों में छिपे थे हमलावर
घायल वनकर्मी रोमांक नायक ने बताया कि गश्त के दौरान आमा खुजरी क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 748 के पास करीब 150 लोग, जिनमें लगभग 100 महिलाएं शामिल थीं, पेड़ों, गड्ढों और खंतियों में छिपे हुए थे। उन्होंने अचानक पत्थरों, गोफन और लाठियों से हमला कर दिया। एक आरोपी ने उन पर कुल्हाड़ी से भी हमला करने का प्रयास किया। हमले में 10 से 12 वनकर्मी घायल हुए।

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खंडवा में वनकर्मियों पर हमला
– फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने दर्ज किया मामला
डीएसपी अनिल चौहान ने बताया कि गश्ती दल ने अतिक्रमणकारियों को वन भूमि पर बोवनी करते देखा था। रोकने पर उन्होंने पथराव शुरू कर दिया, जिसमें पांच वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए। मामले में 8 नामजद और 15 से अधिक अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के देर से पहुंचने के सवाल पर डीएसपी ने कहा कि बारिश और कच्चे रास्तों के कारण मौके तक पहुंचने में समय लगा। उन्होंने बताया कि कुछ अतिक्रमणकारियों के घायल होने की भी सूचना है, जिसकी जांच की जा रही है।
एक्शन मोड में जिला प्रशासन, बड़ी कार्रवाई की तैयरी
इधर रविवार को अतिक्रमणकारियों के इस हमले के बाद जिला प्रशासन भी अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार सोमवार अल सुबह जिला प्रशासन का एक बड़ा अमला जिसमें फॉरेस्ट, राजस्व और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ ही करीब 20 से अधिक जेसीबी मशीनें, ड्रोन कैमरे और हथियारबन्द जवानों का दल आमखुजरी क्षेत्र में दबिश देने की तैयारी कर रहा है। इस दल में कई वरिष्ठ अफसरों के साथ ही आसपास के जिलों का बल भी शामिल रहेगा। माना जा रहा है कि बारिश से पहले अतिक्रमणकारी जंगल काट कर वहां बोवनी की तैयारी कर रहे हैं जिसे रोकने अब जिला प्रशासन ने भी कमर कस ली है और उस क्षेत्र से अतिक्रमणकारियोंका सफाया कर जंगलों को फिर से हरा भरा करने की योजना है।
