पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अब तक 9 एलपीजी पोत और 1 कच्चे तेल का पोत होर्मुज जलमार्ग को सुरक्षित पार कर भारत पहुंच चुके हैं। इसके अलावा 28 फरवरी से ही अब तक 11.61 लाख से अधिक यात्री भारत लौटे हैं। ईराक में फंसे 12 भारतीय नाविक भी सोमवार रात मुंबई पहुंच गए।
विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने मंगलवार को अंतर मंत्रालय ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत खाड़ी क्षेत्र में बसे अपने लगभग 1 करोड़ प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को खासी प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि इराक के हवाई क्षेत्र फिर से खुलने के बाद पाविकों की यह वापसी संभव हो पाई। इसमें बगदाद में भारतीय दूतावास ने उनकी सुरक्षित निकासी कराने में काफी सहयोग किया। उन्होंने कहा कि ईरान का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से कार्गो और चार्टर्ड उड़ानों के लिए खुला है और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते भारतीयों की वापसी में मदद कर रहा है।
देशभर में दूध व दूध के उत्पादों की कीमतें स्थिर
पशुपालन और डेयरी विभाग में निदेशक पूजा रुस्तगी ने अंतर मंत्रालयी ब्रीफिंग में कहा कि मौजूदा पश्चिम एशिया संकट के बीच भी देशभर में दूध की खरीद, प्रोसेसिंग और सप्लाई बिना किसी बाधा के बनी हुई है। संकट की अवधि के दौरान डेयरी किसानों को भुगतान हो रहा है। डेयरी सेक्टर को ईंधन, गैस और प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री की सप्लाई से संबंधित कोई समस्या नहीं है।
प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री में कोई दिक्कत नहीं
प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री के संबंध में निदेशक ने कहा कि डेयरी सेक्टर में इसकी कोई कमी नहीं है। प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री के लिए जरूरी कच्चे माल पॉलीप्रोपिलीन और पॉलीस्टाइरीन की सप्लाई सुनिश्चित की गई है।
निदेशक ने बताया कि 30 मार्च 2026 को एक विशेष पोर्टल शुरू किया गया। इसमें सभी राज्य महासंघ और दूध संघ सदस्य हैं। ‘निर्यात के संबंध में निर्यातित माल को भारतीय बंदरगाहों पर आसानी से वापस लाने की सुविधा के लिए 25 मार्च 2026 को एक सरल पशु ‘क्वारंटीन’ प्रक्रिया अधिसूचित की गई थी।

