महाराष्ट्र के पुणे में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस जघन्य वारदात के विरोध में सैकड़ों लोग मुंबई-बंगलूरू हाईवे पर उतर आए और घंटों तक सड़क जाम कर दी। लोगों ने बच्ची के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और आरोपी के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की। मामले पर संजय राउत ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी।
सैकड़ों लोग नवले ब्रिज इलाके में हाईवे पर इकट्ठा हुए। बच्ची के शव को सड़क पर रखकर विरोध किया गया। इससे करीब चार घंटे तक मुंबई-बंगलूरू हाईवे जाम रहा। यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। हालांकि बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
क्यों भड़का लोगों का गुस्सा?
- यह घटना पुणे जिले के भोर तहसील की है।
- आरोपी 65 वर्षीय मजदूर ने बच्ची को खाने का लालच देकर अपने साथ ले गया।
- उसे एक पशु बाड़े में ले जाकर दुष्कर्म किया और पत्थर से मारकर हत्या कर दी।
- घटना सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया।
- परिवार और स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया।
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मामले पर क्या बोले संजय राउत?
मामले में शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। राउत ने इस दर्दनाक घटना के लिए सीधे तौर पर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए उसे ‘निकम्मी और अयोग्य’ करार दिया है। संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो गया है और यह सरकार सिर्फ वीआईपी सुरक्षा और तमिलनाडु, केरलम, असम और बंगाल के दौरों में ही व्यस्त है। उन्होंने सरकार की योजना पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि शायद उस मृत बच्ची की मां भी इस सरकार की ‘लाडली बहना’ होगी। क्या आप उस मां की भावनाओं को महज 1500 रुपये में खरीद सकते हैं? राउत ने पुलिस प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की गुहार लगाते हुए जो जनता बच्ची का शव लेकर सड़क पर उतरी थी, पुलिस ने उसी जनता पर लाठीचार्ज कर दिया। राउत ने इसे संविधान का खुला उल्लंघन बताया है और सरकार से पूछा है कि देश में आखिर चल क्या रहा है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
- आरोपी को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
- उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ।
- आरोपी को सात मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
- पुलिस सबूत जुटाने में लगी है ताकि केस मजबूत बन सके।
- अधिकारियों ने कहा कि मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
मामले पर क्या बोली सरकार?
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इस घटना को मानवता पर कलंक बताया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात कर फास्ट ट्रैक ट्रायल की मांग की गई।उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया।
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