ईडी की जांच केवल लुधियाना तक सीमित नहीं है, बल्कि बताया जा रहा है कि मंत्री से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी गई है। ईडी की टीम मुख्य रूप से वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों के रिकॉर्ड खंगाल रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले अक्तूबर 2024 में भी संजीव अरोड़ा जांच एजेंसी के निशाने पर आए थे, जब उन पर औद्योगिक जमीन को रिहायशी प्रोजेक्ट में तब्दील करने के गंभीर आरोप लगे थे। तब अरोड़ा राज्यसभा सांसद की भूमिका में थे, लेकिन अब कैबिनेट मंत्री के रूप में उनके खिलाफ हुई इस कार्रवाई ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर भी पड़ी थी रेड
आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। हाल ही में राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद अब संजीव अरोड़ा ईडी के रडार पर हैं। अशोक मित्तल के मामले में भी जालंधर, फगवाड़ा और गुरुग्राम जैसे शहरों में व्यापक स्तर पर तलाशी ली गई थी, जहां अधिकारियों ने डिजिटल साक्ष्यों और कंप्यूटर सिस्टम को कब्जे में लेकर घंटों तक पड़ताल की थी। हालांकि संजीव अरोड़ा और अशोक मित्तल, दोनों ही मामलों में प्रवर्तन निदेशालय ने अभी तक किसी आधिकारिक निष्कर्ष या जब्ती की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन एक के बाद एक दिग्गज नेताओं पर हो रही इस कार्रवाई ने सत्ता पक्ष की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
हमें कोई डर नहीं – मान
मित्तल और अरोड़ा के ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई के बाद नाराज मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता उस मिट्टी से नहीं बने जो डर जाएं। हमारे अधिकतर नेताओं को बिना कुछ किए भाजपा ने जेल का मुंह दिखा दिया मगर अब हम न तो भाजपा सरकार ईडी से डरते हैं और न ही सीडी से डरते हैं। हमें सीबीआई, इनकम टैक्स और अन्य एजेंसियों का कोई डर नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में भाजपा ने आगामी चुनाव की तैयारी कर दी है। इन्हें यहां 117 सीटों पर प्रत्याशी नहीं मिल रहे। इसलिए भाजपा इस तरह डर दिखाकर आप नेताओं को तोड़ने की कोशिश कर रही। कांग्रेस और अकाली दल के कई नेता भाजपा में जाकर बेदाग बन चुके हैं।
आप नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि तीन दिन में पंजाब में आम आदमीं पार्टी के खिलाफ ईडी की ये दूसरी रेड है। अब पंजाब मंत्री संजीव अरोड़ा के यहां ईडी ने रेड की है। मोदी सरकार ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। अब ये लोकतांत्रिक व्यवस्था का दिखावा भी नहीं कर रहे, तानाशाही डिक्लेयर कर दी है। पश्चिम बंगाल में जो ईडी के साथ होता है वो सही ही होता है फिर तो।

