
- आज सरकारी तेल कंपनियों ने LPG दरें स्थिर रखीं.
- वाणिज्यिक सिलेंडर 1 जुलाई को ₹183.50 सस्ता हुआ था.
- घरेलू सिलेंडर 7 जून को ₹29 बढ़कर स्थिर हैं.
- अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चा तेल $71/बैरल से बढ़ा.
LPG Rate Today on July 15: आज सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने देश भर में एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. होर्मुज (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी और पश्चिम एशिया में दोबारा बढ़ते तनाव के बावजूद आज भी कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों की कीमतें स्थिर रखी गई हैं. इससे पहले 1 जुलाई को 19 किलो वाले कमर्शिल सिलेंडर की कीमतों में 183.50 रुपये की बड़ी कटौती की गई थीं, जबकि 14.2 किलो घरेलू रसोई गैस की कीमतें 7 जून को 29 रुपये बढ़ाई गई थीं, तब से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.
आज शहरवार LPG की कीमतें
| शहर | घरेलू सिलेंडर की कीमत | कमर्शियल सिलेंडर की कीमत |
| दिल्ली | 942.0 रुपये | 2930.0 रुपये |
| मुंबई | 941.5 रुपये | 2885.5 रुपये |
| कोलकाता | 968.0 रुपये | 3082.0 रुपये |
| चेन्नई | 957.5 रुपये | 3106.0 रुपये |
| चंडीगढ़ | 951.5 रुपये | 2954.5 रुपये |
| देहरादून | 961.0 रुपये | 2983.5 रुपये |
| हैदराबाद | 934.0 रुपये | 2052.5 रुपये |
| भुवनेश्वर | 968.0 रुपये | 3115.0 रुपये |
| तिरुवनंतपुरम | 951.0 रुपये | 2970.5 रुपये |
अमेरिका और ईरान में फिर से तनाव
पश्चिम एशिया में पिछले तीन हफ्तों से चला आ रहा युद्ध विराम पूरी तरह से टूट गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड एक तरफ जहां दक्षिणी ईरान के तटीय शहरों, रडार सिस्टम, मिसाइल ठिकानों और एयर डिफेंड सिस्टम्स को निशाना बना रहे हैं. अमेरिकी सेना के 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों लड़ाकू विमानों ने ईरान के समुद्री रास्तों का पूरी तरह से घेर लिया है. इससे ईरानी बंदरगाहों से जहाजों की आवाजाही ठप्प हो गई है.
वहीं, ईरान ने भी पलटवार करते हुए बहरीन, कुवैत, जॉर्डल और ओमान जैसे खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं. इस भयंकर सैन्य टकराव का असर क्रूड ऑयल पर पड़ा है, जो 71 डॉलर प्रति बैरल के अपने पिछले निचले स्तर से अब धीरे-धीरे फिर से अपने उच्चतम स्तर की ओर बढ़ रहा है.
इससे आगे आने वाले समय में भारत में पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों पर असर पड़ सकता है क्योंकि भारत का ज्यादातर एनर्जी शिपमेंट होर्मुज से होकर होता है. ऐसे में महंगे क्रूड का दबाव तो पहले से ही है, ऊपर से होर्मुज से सप्लाई चेन टूटने पर जहाजों व टैंकरों को केप ऑफ गुड होप का लंबा रास्ता तय करना होगा, जिसमें वक्त भी अधिक लगेगा यानि कि माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा, साथ ही समुद्री बीमा प्रीमियम बढ़ने से देश में ईंधन की कीमतें भी बढ़ेंगी.
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