भाजपा की नई 65 सदस्यीय टीम की घोषणा के बाद देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल है। पार्टी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय महासचिव और मोर्चा स्तर तक पर पदाधिकारियों में बड़ा बदलाव किया है। खबरों के खिलाड़ी में इस हफ्ते इन्हीं संगठनात्मक फेरबदल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की इसमें भूमिका और आगामी चुनावों की रणनीतियों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पीयूष पंत, राकेश शुक्ल, पूर्णिमा त्रिपाठी और अनुराग वर्मा मौजूद रहे।
पीयूष पंत: भाजपा का संगठनात्मक बदलाव काफी देरी से हुआ है, लेकिन यह ‘देर आए दुरुस्त आए’ जैसा है। जेन-जी के सफल आंदोलनों ने सरकार और संगठन दोनों को परेशान किया, जिसके बाद पीएम मोदी ने वीडियो जारी कर नई पीढ़ी को संबोधित किया। नई टीम में 65 में से 51 नए चेहरे लाकर संगठन को ऊर्जावान बनाने की कोशिश की गई है। इसके साथ ही, अनुभवी विनोद तावड़े और सुनील बंसल को बरकरार रखा गया है। सोशल मीडिया टीम में बदलाव कर आक्रामक चेहरों को लाया गया है। इस पूरी नई टीम में संघ का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।