जापान के पूर्वी हिस्से और राजधानी टोक्यो के आसपास रविवार तड़के मध्यम तीव्रता के भूकंप ने लोगों को दहला दिया। प्रारंभिक तौर पर भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई, जबकि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने इसे 5.8 दर्ज किया। भूकंप में 20 से अधिक लोग घायल हुए, हालांकि अधिकांश को मामूली चोटें आईं। राहत की बात यह रही कि सुनामी का कोई खतरा नहीं था।
भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील इलाका
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र इबाराकी प्रांत के दक्षिणी हिस्से में जमीन से करीब 70 किलोमीटर की गहराई में था। यह इलाका भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। चार प्रांतों में कुल 23 लोगों के घायल होने की सूचना मिली। इनमें साइतामा और कानागावा में नौ-नौ, चिबा में चार और इबाराकी में एक व्यक्ति घायल हुआ।
जापान में भूकंप कितना खतरनाक?
- बीते महीने क्यूशू द्वीप के कुमामोतो क्षेत्र में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप में 38 लोगों की मौत और 364 घायल हुए थे।
- जुलाई में आए भूकंप के बाद 1,500 से ज्यादा इमारतें ध्वस्त और 20,000 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई थीं।
रात के वक्त कांपी धरती, झटकों से सहमे लोग
अधिकांश लोग उस समय सो रहे थे और अचानक आए तेज झटकों से घबराकर बिस्तर से उठे। इस दौरान कई लोग गिर पड़े या फर्नीचर और दरवाजों से टकरा गए। कानागावा के योकोहामा में 80 वर्ष से अधिक उम्र की एक महिला बिस्तर से गिर गई, जिससे उसके कूल्हे में गंभीर चोट आई।
स्थानीय रेल सेवाएं मामूली रूप से प्रभावित
भूकंप के कारण टोक्यो और नारिता हवाईअड्डे को जोड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों समेत कुछ स्थानीय रेल सेवाएं प्रभावित हुईं और देरी से चलीं। हालांकि शिंकानसेन बुलेट ट्रेन सेवाएं सामान्य रहीं। टोक्यो के कोटो वार्ड में भूमिगत पानी की पाइप फटने से सड़क पर पानी भर गया, जिसे बाद में ठीक कर दिया गया।
कई घरों में बिजली आपूर्ति बाधित?
भूकंप के बाद करीब 460 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई, लेकिन रविवार सुबह तक बिजली बहाल कर दी गई। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने संभावित नुकसान का आकलन करने के लिए सरकारी टास्क फोर्स गठित की। वहीं, परमाणु नियामक प्राधिकरण ने कहा कि देश के किसी भी परमाणु संयंत्र या परमाणु सामग्री से जुड़ी अन्य सुविधाओं में कोई असामान्यता नहीं पाई गई। भूकंप ने एक बार फिर जापान में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे की गंभीरता को उजागर कर दिया।
