नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे दिल्ली सरकार वापस लेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल विरोध प्रदर्शन में शामिल किसी छात्र पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। इसमें 29 जुलाई तक दर्ज 13 मामलों की समीक्षा के बाद गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। हालांकि, हिंसा, तोड़फोड़ और आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।


गृह विभाग ने बताया कि दिल्ली पुलिस की ओर से 29 जुलाई तक दर्ज 13 मामलों की समीक्षा की गई है। यह निर्णय उच्चतम न्यायालय के 28 जुलाई को दिए गए आदेश के अनुरूप लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को बंद करने और भविष्य में कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
गिरफ्तार छात्रों की होगी रिहाई
सरकार ने उन छात्रों को भी राहत देने का फैसला किया है, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया था। गृह विभाग ने संबंधित एजेंसियों को उनकी रिहाई की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। आदेश पर तत्काल अमल सुनिश्चित करने के लिए इसकी प्रति दिल्ली पुलिस और अभियोजन निदेशालय को भेजी गई है।
हिंसा करने वालों पर रहेगी सख्ती
गृह मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने विरोध की आड़ में हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है अथवा जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे मामलों में किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी यही बात को दोहराया है। सीएम ने कहा कि उन्होंने भी कई बड़े विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है लेकिन, विरोध की आड़ में हिंसा को नजरंदाज नहीं किया जा सकता।
लोकतांत्रिक अधिकार और कानून व्यवस्था दोनों साथ
गृह विभाग ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान करती है। साथ ही स्पष्ट किया गया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। सरकार का उद्देश्य शांतिपूर्ण छात्रों के मन से कानूनी कार्रवाई का भय दूर करना है, जबकि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
