जम्मू से सीधे श्रीनगर तक वंदे भारत के चलने से घाटी में पर्यटकोंं की संख्या में वृद्धि होगी तो 03 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की थकान भी कम होगी। सड़क मार्ग से करीब दस घंटे की बजाए वंदे भारत से महज पांच घंटे में ही श्रीनगर पहुंच जाएंगे। जम्मू शहर में भी यात्रा के दौरान तीर्थ यात्रियों की भीड़ से लगने वाले जाम से काफी निजात मिलेगी।
सड़क मार्ग से जम्मू से करीब चार सौ किलोमीटर दूर बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पहले श्रीनगर पहुंचना पड़ता है। वहां रात्रि विश्राम के बाद दूसरे दिन सुबह पवित्र स्थल की ओर रवाना होते हैं। दो दिन तक सफर करने से थकान के चलते हालत खराब हो जाती है। कुछ तीर्थ यात्री कटड़ा से चलने वाली वंदे भारत से श्रीनगर तक जाते थे लेकिन महज आठ बोगी होने के चलते बमुश्किल सीट मिल पाती थी।
अब जम्मू से श्रीनगर तक सुबह 06:20 पर जम्मू से चलने वाली वंदे भारत से श्रद्धालु दिन में 11:10 पर श्रीनगर पहुंच जाएंगे और उसी दिन वहां से करीब 100 किलोमीटर की दूरी बस या कार से तीन-चार घंटे में पूरी कर पवित्र गुफा तक पहुंच जाएंगे। यानी सुबह जम्मू से चले श्रद्धालु शाम तक बाबा बर्फानी के द्वार पर पहुंच जाएंगे।
दूसरी ट्रेन दोपहर में 01:20 पर जम्मू से चलकर शाम 06:00 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। पूरी रात विश्राम के बाद दूसरे दिन सुबह आराम से अमरनाथ पहुंच जाएंगे। इस बार उन्हें कन्फर्म सीट भी मिलेगी क्योंकि बीस कोच वाली एक वंदे भारत में एक बार में 1440 यात्री सफर कर सकते हैं। इन दोनों ट्रेनों के चलने से तीर्थ यात्रियों को राहत मिलेगी तो जम्मू शहर को काफी हद तक भीड़ से निजात।


