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नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को लेकर सरकार ने पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) को समन जारी किया है।
मंत्रालय मेटा से इस पूरे मामले पर जवाब मांगेगा। साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों की निगरानी और रोकथाम के लिए कंपनी की क्या नीतियां और सुरक्षा व्यवस्था हैं।
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की आपत्तिजनक या अवैध सामग्री को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार इस बात की जांच करेगी कि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन कैसे प्रसारित हुए और उन्हें रोकने के लिए प्लेटफॉर्म की ओर से क्या कदम उठाए गए।

केंद्र सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर अवैध, आपत्तिजनक और बच्चों के खिलाफ अपराध से जुड़ी सामग्री को तुरंत हटाएं और ऐसे मामलों को रोकने के लिए कदम उठाएं।
25 फरवरी: सरकार ने श्लील कंटेंट दिखाने पर 5 OTT प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया था
इससे पहले सरकार ने 5 ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (OTT) को ब्लॉक किया था। इन प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाया जा रहा था। जिन प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई हुई, उनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू शामिल हैं।


