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ट्विटर बनाने वाले जैक डोर्सी के ऑफलाइन मैसेजिंग एप ‘बिटचैट’ ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक नया फीचर रोलआउट कर किया है। इसकी मदद से अब एंड्रॉयड यूजर्स बिना इंटरनेट, गूगल प्ले स्टोर या गिटहब के भी इस एप को सीधे एक फोन से दूसरे फोन में शेयर और इंस्टॉल कर सकते हैं। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसका एलान किया। यह अपडेट भारत सरकार द्वारा गिटहब से बिटचैट एप को ब्लॉक करने की मांग के ठीक बाद आया है। सरकार का कहना था कि इस एप का इस्तेमाल आपराधिक ग्रुप कर सकते हैं, जिससे कानूनी जांच में बाधा आ सकती है। नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान जेन-जी युवाओं के इस्तेमाल किए जाने के बाद यह एप चर्चा में आया था। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बैन का भी नहीं पड़ेगा असर बिटचैट टीम ने अपनी पोस्ट में लिखा कि एप अब “बिना इंटरनेट के दूसरे एंड्रॉयड फोन पर खुद को भेज सकता है”। इसका मतलब यह है कि अगर गिटहब या गूगल प्ले स्टोर जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से एप को ब्लॉक या हटाने के बाद भी यूजर्स एक-दूसरे के फोन से इसे शेयर करके आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तरह बिटचैट इंस्टॉल वाला हर एंड्रॉयड फोन एप को बांटने का एक केंद्र बन जाएगा। अकाउंट या फोन नंबर की जरूरत नहीं बिटचैट एप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को कोई अकाउंट बनाने, फोन नंबर लिंक करने या क्लाउड सर्वर से जुड़ने की जरूरत नहीं होती। कंपनी का कहना है कि यह एप पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि इसमें मैसेज किसी तीसरे के पास नहीं जाते, बल्कि सीधे आसपास के फोन्स के बीच ट्रांसफर होते हैं। इसलिए जहां इंटरनेट बंद हो या नेटवर्क कम या ब्लॉक हो, वहां बातचीत के लिए यह एकदम सही है। गिटहब, BLE मेश नेटवर्क और APK क्या है?
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Gen-Z प्रोटेस्ट में इस्तेमाल हुआ एप बिना इंटरनेट इंस्टॉल होगा:ब्लूटूथ के जरिए मैसेज भेजता है बिटचैट, सरकार ने प्ले स्टोर से हटाने को कहा था
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