11 जून 2026 को एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने इतिहास का सबसे बड़ा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) पेश किया। कंपनी ने शेयर बाजार में कदम रखते ही 75 अरब डॉलर की भारी-भरकम रकम जुटाई है। लेकिन, इस चमकदार आंकड़े के पीछे एक कड़वा सच छिपा है। नए शोध बताते हैं कि यह आईपीओ आम निवेशकों के लिए वैसा शानदार रिटर्न लेकर नहीं आएगा, जिसकी उम्मीद पहले के आईपीओ से पहले थी।
आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि स्पेसएक्स के इस रिकॉर्ड आईपीओ का असली मतलब क्या है और क्यों इस खेल में इनसाइडर्स यानी खुद मस्क और उनके करीबियों को ही अधिक फायदा होता दिख रहा है।
1. स्पेसएक्स का आईपीओ कितना बड़ा और ऐतिहासिक है?
रॉकेट और सैटेलाइट बनाने वाली कंपनी स्पेसएक्स ने 55.56 करोड़ (555.6 मिलियन) शेयर बेचकर अपने आईपीओ से 75 अरब डॉलर जुटाए हैं। इस भारी-भरकम निवेश के बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन 1.77 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। यह शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है।
2. क्या आम निवेशकों को स्पेसएक्स के आईपीओ से तगड़ा रिटर्न मिलेगा?
एक शोध के अनुसार, जिन आम निवेशकों ने इस आईपीओ में शेयर खरीदे हैं, उनके लिए पुराने जमाने के आईपीओ जैसी जबरदस्त वृद्धि देखने की संभावना काफी कम है। आजकल कंपनियों की असली और तेज ग्रोथ उनके पब्लिक होने से पहले ही बंद दरवाजों के पीछे हो चुकी होती है।