केंद्रीय कैबिनेट ने हाल ही में भारत की समुद्र मंथन योजना के लिए 84 हजार 84 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। देशभर के विशेषज्ञ इसे भारत की उस दूरगामी योजना का हिस्सा करार दे रहे हैं, जिसके जरिए तेल-गैस की आपूर्ति के लिए सरकार विदेश पर निर्भरता घटा सकती है। पेट्रोलियम मंत्रालय को समुद्र की गहराईयों में स्थित तेल-गैस के भंडारों को खोजने के लिए दिए जाने वाले इस फंड के जरिए सरकार अब तक कुछ हद तक अनछुए और जोखिम भरे डीपवॉटर एक्सप्लोरेशन को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर यह समुद्र मंथन योजना क्या है? सरकार जो 84 हजार करोड़ रुपये पेट्रोलियम मंत्रालय को दे रही है, उसके जरिए क्या किया जाएगा? इस योजना की नींव कब-कैसे और क्यों पड़ी? मौजूदा समय में भारत समुद्र की गहराईयों से तेल-गैस खोजने की परियोजना में कहां ठहरता है? आइये जानते हैं…