एक ऐसा देश जो दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादकों में गिना जाता है, आज वह अपने ही पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देख रहा है। यह हैरान करने वाली तस्वीर रूस की है, जहां यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों ने देश के भीतर एक बड़ा और अभूतपूर्व ईंधन संकट खड़ा कर दिया है। लेकिन इस संकट के बीच जो सबसे चौंकाने वाली खबर सामने आई है, वह भारत से जुड़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत की दूसरी सबसे बड़ी निजी तेल रिफाइनरी, ‘नायरा एनर्जी’, अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों (ट्रेडर्स) के जरिए रूस को पेट्रोल की आपूर्ति कर रही है।
रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में औद्योगिक सूत्रों के हवाले से बताया है कि नायरा एनर्जी के गुजरात स्थित वाडिनार रिफाइनरी से उत्पादित पेट्रोल को दो विशाल तेल टैंकरों के माध्यम से रूस भेजा गया है। भारत के केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के दौरान कहा कि भारतीय कंपनियां सीधे तौर पर रूस को तेल नहीं बेच रही हैं, लेकिन इस बात की पूरी संभावना है कि रूस ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों के जरिए भारतीय मूल का ईंधन खरीदा हो। यह घटनाक्रम वैश्विक भू-राजनीति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
आइए इस पूरे संकट और इसके पीछे के आर्थिक समीकरणों को आसान भाषा में समझते हैं।