मध्य प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं। दरअसल, दो दिन पहले ही राज्य में राज्यसभा चुनाव के लिए पर्चा भरने वाली मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इसलिए खारिज कर दिया गया, क्योंकि उनके हलफनामे में तेलंगाना में चल रहे एक केस की जानकारी नहीं दी गई थी। इस मामले में भाजपा की शिकायत पर मध्य प्रदेश में रिटर्निंग ऑफिसर ने नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया था। इसके चलते तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा की जीत तय हो गई। गुरुवार को रिटर्निंग अफसर ने तीनों भाजपा उम्मीदवारों को प्रमाणपत्र भी सौंप दिया।
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के लिए आज 11 जून को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा तय है। लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद स्थिति यह बन गई कि तीन सीटों के मुकाबले केवल तीन ही उम्मीदवार मैदान में रह गए, जिससे चुनाव निर्विरोध हो गया। हालांकि, दूसरी तरफ कांग्रेस नेतृत्व ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के खारिज होने के खिलाफ न सिर्फ चुनाव आयोग से शिकायत की है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को भी उठाया है। ऐसे में अब अदालत के दखल के बाद ही यह तय होगा कि मीनाक्षी की तरफ से अपने चुनावी हलफनामे में एक केस में नोटिस मिलने की बात का जिक्र न करना सही था या नहीं और इसके आधार पर चुनाव आयोग के फैसले की वैधता क्या है।