लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में बुधवार का दिन अहम माना जा रहा है। भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन और व्यक्तिगत उपस्थिति के आदेश को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले में उनकी ओर से व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देने की मांग की गई है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने इस आवेदन पर सुनवाई के लिए बुधवार का दिन निर्धारित किया है।
यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा दायर मानहानि परिवाद से जुड़ा है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2018 में झाबुआ में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स प्रकरण का उल्लेख करते हुए कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम लिया था। परिवाद के अनुसार इस कथित बयान से उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। परिवाद पर सुनवाई के बाद भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के लिए समन जारी किए थे। इसी आदेश को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
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हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से एक आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें बताया गया कि मामले की अगली सुनवाई 25 जून को एमपी-एमएलए कोर्ट में निर्धारित है। सुनवाई के दौरान अधीनस्थ न्यायालय का रिकॉर्ड भी हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने आवेदन पर विचार करते हुए इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
अब सभी की नजरें हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि राहुल गांधी को निचली अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से अंतरिम राहत मिलती है या नहीं। मामले का राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से महत्व माना जा रहा है।

