कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मंगलवार को कांग्रेस के शीर्ष कमान की बैठक हुई। बैठक के बाद पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि पूरी चर्चा केवल आगामी राज्यसभा चुनाव और कर्नाटक में विधान परिषद चुनावों पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा कि जो भी अटकलें लगाई जा रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। ये केवल आशंकाएं हैं।

बैठक में कौन-कौन मौजूद थे?
उन्होंने बताया कि आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ एक विस्तृत बैठक हुई, जिसमें कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कर्नाटक के प्रभारी महासचिव भी मौजूद थे।
राज्यसभा और विधानपरिषद चुनावों की तैयारियों पर चर्चा
उन्होंने बताया कि बैठक में केवल राज्यसभा और विधानपरिषद चुनावों की तैयारियों पर चर्चा हुई और उम्मीदवारों की घोषणा अन्य राज्यों के साथ ही की जाएगी। इसके अलावा कोई और फैसला नहीं लिया गया है।
इंदिरा भवन में हुई बैठक
कर्नाटक में सत्ता साझेदारी को लेकर अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और वेणुगोपाल से दिल्ली के इंदिरा भवन में मुलाकात की। इससे पहले सिद्धारमैया ने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया कि क्या वह अपना पूरा कार्यकाल मुख्यमंत्री के रूप में पूरा करेंगे। शिवकुमार बाद में अलग से पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा में शामिल हुए।
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दिल्ली रवाना होने से पहले सिद्धारमैया ने क्या कहा था?
2023 में जब से कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनी है, तभी से सिद्धारमैया और शिवकुमार समर्थक गुटों के बीच अंदरूनी मतभेद और तनाव की खबरें लगातार आती रही हैं। सिद्धारमैया ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा कि उन्हें बैठक के एजेंडे के बारे में जानकारी नहीं है और उन्हें केवल बुलाया गया है।
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने कई बार दोनों नेताओं के बीच के मतभेदों को सुलझाने के लिए दखल दिया है। वहीं, भाजपा लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है और आरोप लगा रही है कि नेतृत्व को लेकर असमंजस से सरकार का कामकाज प्रभावित हो रहा है और पार्टी के अंदर मतभेद साफ दिख रहे हैं।

