पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड के सासाराम रेलवे स्टेशन पर सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक सवारी गाड़ी अचानक धधक उठी। सासाराम से आरा होकर पटना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में अचानक आग लगने से प्लेटफॉर्म और ट्रेन में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया और लोग इधर-उधर भागने लगे। घटना सोमवार की सुबह करीब छह बजे की बताई जा रही है।
व्यवस्था की कमी का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रबंधन की नाकामी के कारण ट्रेन को ज्यादा नुकसान हुआ। अगर समय रहते आग बुझाने के लिए पानी और अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग किया गया होता, तो ट्रेन को नुकसान होने से बचाया जा सकता था। लोगों ने बताया कि ट्रेन में रिफिलिंग के लिए बिछाई गई पाइपलाइन में न तो पानी था और न ही रेलवे के अग्निशमन सिलेंडरों में गैस थी। रेलवे प्रबंधन की लापरवाही के कारण शुरुआती समय में आग पर काबू नहीं पाया जा सका और देखते ही देखते ट्रेन की बोगियां धधक उठीं।
एक बोगी जलकर खाक, जांच में जुटा रेलवे
इस घटना में पैसेंजर ट्रेन की एक बोगी पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जिसे बाद में ट्रेन से अलग कर दिया गया। वहीं, आरपीएफ निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है और रेल प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है। उन्होंने बताया कि इस घटना में किसी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा है।
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यात्रियों और स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पानी और भरे हुए अग्निशमन सिलेंडर उपलब्ध होते, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। घटना के बाद रेलवे की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।


