बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों हिरासत में लिया तो सियासी घमासान शुरू हो गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कम सम्राट चौधरी को अल्टीमेटम दे दिया कि अगर 27 जुलाई तक छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे। इसके बाद वाम दल के छात्र संगठन AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी आज पटना आईं और एलान किया कि अगर सरकार जल्द से जल्द छात्रों को बिना शर्त रहा नहीं करती है तो 30 जुलाई को बिहार में बड़ा आंदोलन होगा। यह आंदोलन जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन से भी अधिक बड़ा होगा। इन सब मामलों को देखते हुए बिहार सरकार मैं अपना पक्ष रखा है बिहार पुलिस की ओर से 339 छात्रों को सत्यापन के बाद छोड़ा गया है।
बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से बताया गया कि विभिन्न छात्र संगठनों और रजनीतिक दल समर्थित छात्र संगठनों या छात्रों या युवाओं के स्तर से विभिन्न मुद्दों को लेकर 25 जुलाई को राज्यव्यापी आंदोलन किया गया था। इस दौरान किए गए धरना-प्रदर्शन और जुलूस के दौरान कई जिलों में विधि-व्यवस्था की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई थी। इसके मद्देनजर राज्यभर में 694 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसमें 339 नाबालिग एवं छात्रों को सत्यापन के बाद मुक्त कर दिया गया। हिंसक घटनाओं में शामिल 355 लोगों को न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेजा गया है।
पुलिस ने बताया कि बिहार बंद के दौरान हिंसक घटनाओं में 91 पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। हिंसक घटनाओं में सीवान एवं सीतामढ़ी के एसपी के अलावा 2 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भी जख्मी हुए। कई थाना प्रभारियों के सिर फट गए। पटना में गांधी मैदान थाना प्रभारी को गंभीर चोट लगी। 14 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए और 1 को आग के हवाले कर दिया गया। 13 आम लोगों को भी चोटें आई हैं।
हिंसा में एक अधिकारी की आंख खराब ही गई
सारण में हुई घटना में प्रखंड विकास पदाधिकारी सदर गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। उनकी एक आंख खराब हो गई है। आईजीआईएमएस में उनकी चिकित्सा चल रही है। इसके अलावा सारण के रिविलगंज के बीडीओ पर भी जानलेवा हमला किया गया। उनके सिर पर गंभीर चोट लगी है, जिसकी सर्जरी पटना के मेदांता अस्पताल में हुई है। दोनों पदाधिकारी गंभीर रूप से जख्मी हैं और वर्तमान में इलाजरत हैं और इनकी हालत नाजुक बनी हुई है। 25 जुलाई के आंदोलन के दौरान सीवान के जेपी चौक के पास बंद समर्थकों ने पुलिस वालों को घेर लिया। मौके पर तैनात सिपाही अभिषेक कुमार ने जानमाल और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए चार राउंड गोली अपने बैरल को ऊपर करके फायर की थी। इस घटना में भीड़ में शामिल किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना में शामिल सिपाही अभिषेक कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
सीवान वाले मामले में क्या कहा पुलिस ने
सीवान में चौक पर हुई इस घटना में जिन तीन लोगों के फायरिंग में घायल होने की बात सामने आ रही है, उनमें आरिफ (17 वर्ष), आकाश कुमार (22 वर्ष) और बुलेट कुमार गौड़ (20 वर्ष) शामिल हैं। इसमें बुलेट को मुख्य घटना स्थल से करीब 2 किमी दूर घायल पाया गया है। चिकित्सकों के अनुसार, तीनों की हालत खतरे से बाहर है। इन तीनों के फर्दबयान पर सिवान नगर थाना में तीन अलग-अलग मामले दर्ज कराए गए हैं, जिनका कांड संख्या- 721, 722 और 723 है। इन मामलों की तफ्तीश जारी है। तीनों घायलों को सिवान सदर अस्पताल में प्रारंभिक चिकित्सा कराने के बाद पटना के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जिसमें आरिफ को मेदांता अस्पताल से छुट्टी कर दी गई है। शेष दोनों की हालत भी खतरे से पूरी तरह बाहर है।


