राम मंदिर चढ़ावा चोरी के खुलासे के 19 दिन बाद और जांच के लिए गठित एसआईटी की सिफारिश के दो दिन बाद आखिरकार एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा के अलावा गणना कर्मी मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव और कई अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई है। सभी पर साजिश के तहत धोखाधड़ी कर चढ़ावा राशि चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने टिन्नू समेत सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सुबूतों के आधार पर बढ़ेंगे आरोपी: चढ़ावा चोरी में कुछ अज्ञात भी आरोपी हैं। दरअसल, पुलिस की विवेचना में और साक्ष्य सामने आएंगे। इसमें सरकारी बैंककर्मियों के अलावा अन्य नामों का भी खुलासा होगा। बैंककर्मियों के खेल में शामिल होने के साक्ष्य भी मिले हैं। एफआईआर में भी सरकारी अधिकारी के चोरी में शामिल होने की धारा लगाई गई है।

