लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Army:20 हजार फीट की ऊंचाई पर अब ड्रोन पहुंचाएंगे हथियार और राशन? सेना करने जा रही सबसे बड़ी लॉजिस्टिक्स डील – Drones Deliver Weapons And Supplies At 20000 Feet Indian Army Plans Biggest Logistics Drone Deal

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

चीन और पाकिस्तान से सटी दुर्गम सीमाओं पर तैनात सैनिकों तक जरूरी सामान पहुंचाने का तरीका अब पूरी तरह बदलने वाला है। रक्षा मंत्रालय 2,500 से अधिक लॉजिस्टिक्स ड्रोन खरीदने की तैयारी में है। इस पहल के बाद सियाचिन ग्लेशियर, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात जवानों तक राशन, हथियार और जीवनरक्षक दवाइयां पहले से अधिक तेजी और आसानी से पहुंचाई जा सकेंगी। युद्ध जैसी परिस्थितियों में गोला-बारूद और अन्य सैन्य उपकरण भी कम समय में मोर्चे तक पहुंचाए जा सकेंगे।

तीन अलग-अलग ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए खरीदे जाएंगे ड्रोन

भारतीय सेना ने लॉजिस्टिक्स ड्रोन खरीद के लिए रिक्वेस्ट फॉर इन्फॉर्मेशन (RFI) जारी कर दी है। योजना के तहत तीन श्रेणियों के ड्रोन खरीदे जाएंगे, जो अलग-अलग ऊंचाई वाले इलाकों में संचालन करने में सक्षम होंगे। इनमें 6,000 फीट तक, 6,000 से 12,000 फीट तक और 12,000 से 20,000 फीट तक उड़ान भरने वाले ड्रोन शामिल होंगे। सबसे ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले ड्रोन को 19,000 फीट की ऊंचाई से टेकऑफ करने और माइनस 30 डिग्री सेल्सियस से लेकर 50 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में काम करने में सक्षम होना होगा।

10 से 20 किलोमीटर तक पहुंचा सकेंगे जरूरी सामान

हर ड्रोन 10 से 20 किलोमीटर तक की एकतरफा दूरी में हथियार, गोला-बारूद, राशन और अन्य आवश्यक सामग्री ले जाने में सक्षम होगा। इनमें जीपीएस, भारतीय नेविगेशन प्रणाली ‘नैविक’, बाधा पहचान सेंसर, डे-नाइट कैमरे और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन जैसी आधुनिक तकनीकें मौजूद होंगी। इन्हें स्वायत्त, मैनुअल और ‘रिटर्न-टू-होम’ मोड में संचालित किया जा सकेगा।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से मिले अनुभव के बाद उठाया गया कदम

भारतीय सेना ने यह पहल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ड्रोन और लॉइटरिंग म्यूनिशन के व्यापक इस्तेमाल से मिले अनुभवों के आधार पर शुरू की है। सेना चाहती है कि नए ड्रोन एंटी-जैमिंग और एंटी-स्पूफिंग तकनीक से लैस हों, ताकि इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसी परिस्थितियों में भी वे प्रभावी ढंग से अपना काम कर सकें।

सेना की सप्लाई चेन को मिलेगी नई मजबूती

लॉजिस्टिक्स ड्रोन सेना के लिए कई मायनों में उपयोगी साबित हो सकते हैं। ये खतरनाक इलाकों में सैनिकों को जोखिम में डाले बिना जरूरी सामान तेजी से पहुंचाने में सक्षम होंगे। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और युद्ध क्षेत्र में, जहां पारंपरिक वाहन नहीं पहुंच पाते, वहां भी ये आसानी से पहुंच बना सकेंगे। इनके उपयोग से समय और लागत दोनों की बचत होगी, जबकि सैन्य अभियानों की दक्षता भी बढ़ेगी। रात के समय और खराब मौसम में भी ये ड्रोन प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे, जिससे सेना की सप्लाई चेन पहले से अधिक सुरक्षित, मजबूत और तेज हो जाएगी।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

अमर उजाला शब्द सम्मान-2026: प्रस्ताव भेजने की तारीख बढ़ी, अब 10 अक्तूबर तक भेजें प्रविष्टियां – Amar Ujala Shabd Samman 2026 Date Extend Oct 10 Literary Honor Nominations Akashdeep Thap Chhap Bhasha Bandhu

भारतीय टीम की तैयारी:वनडे विश्व कप के लिए जडेजा की दावेदारी कायम? स्पिन कोच बहुतुले ने बताई टीम की रणनीति – Ravindra Jadeja Still In Indias Odi World Cup Plans, Says Spin Coach Sairaj Bahutule

सेंगोल:अब बच्चे पढ़ेंगे सुशासन का राजदंड, नौवीं की नई किताब में नया भारत, संसद से लेकर चोल राजवंश तक – Sengol: Students To Now Study The Scepter Of Good Governance

अमेरिका से तीसरे देशों में भेजे जा सकेंगे प्रवासी:ट्रंप प्रशासन को सुप्रीम कोर्ट से राहत; क्या है नीति? – Supreme Court Lets Trump Continue Deporting People To Third Countries While Justices Weigh Policy

एलपीयू हिंसाः 30-40 छात्र जांच के घेरे में, फरहत देव मास्टरमाइंड; चार एफआईआर के बाद बढ़ा तफ्तीश का दायरा – Lpu Violence: 30-40 Students Under Scrutiny, Farhat Dev Identified As Mastermind

संसद से महज 20 किलोमीटर दूर:न बिजली, न पानी… राजधानी के एक गांव की ऐसी भी कहानी; चार हजार लोग इंतजार में – Just 20 Kilometers From Parliament: No Electricity, No Water… The Story Of A Village In The Capital.

Leave a Comment