राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल सोमवार को दो दिवसीय चीन दौरे पर बीजिंग पहुंच गए। वह भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत के 25वें दौर में हिस्सा लेंगे। इस दौरान सीमा पर शांति और स्थिरता के साथ दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। डोभाल चीन के विदेश मंत्री और भारत-चीन सीमा मुद्दे पर चीन के विशेष प्रतिनिधि वांग यी के निमंत्रण पर बीजिंग पहुंचे हैं।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, डोभाल और वांग यी मंगलवार को सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता करेंगे। अपने चीन दौरे के दौरान अजीत डोभाल चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात करेंगे। यात्रा को भारत-चीन संबंधों में सीमा से जुड़े लंबित मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
LAC पर शांति और स्थिरता पर जोर
इससे पहले 6 अगस्त को नई दिल्ली में भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय के लिए बने कार्य तंत्र (WMCC) की 36वीं बैठक हुई थी। इसमें सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, विभिन्न समन्वय तंत्र और सीमा पार सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत-चीन संबंधों के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है।
गलतफहमी रोकने के लिए संवाद जारी रखने पर सहमति
बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने लंबित मुद्दों के समाधान के लिए मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य संवाद के माध्यमों का इस्तेमाल जारी रखने पर सहमति जताई। इसमें WMCC, स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकें और पहले से स्थापित अन्य तंत्र शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 24वें विशेष प्रतिनिधि दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, तंत्र निर्माण और सीमा पार सहयोग से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया था।
सीमा पार नदियों पर भी होगी चर्चा
भारत ने सीमा पार बहने वाली नदियों से जुड़े एक्सपर्ट लेवल मैकेनिज्म की अगली बैठक जल्द बुलाने की जरूरत दोहराई है। साथ ही, ऊपरी क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं से संबंधित तकनीकी जानकारी साझा करने के महत्व पर भी जोर दिया गया है।


