भारतीय वायुसेना के प्रमुख, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने अमेरिका यात्रा के दौरान नेवादा के नेलिस एयर फोर्स बेस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 9 अप्रैल को बोइंग कंपनी के आधुनिक लड़ाकू विमान F-15EX ईगल II में उड़ान भरी। इस उड़ान के दौरान उनके साथ अमेरिकी वायुसेना के मेजर मैथ्यू बेंसन मौजूद थे। यह विमान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और हवाई प्रभुत्व बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
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F-15EX फाइटर जेट
– फोटो : ANI
F-15EX ईगल II विमान को अमेरिका अपने सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक मानता है। नेलिस एयर फोर्स बेस पर हुई इस उड़ान का मकसद आधुनिक हवाई युद्ध में इस विमान की भूमिका को समझना था। अपनी यात्रा के दौरान एयर चीफ मार्शल सिंह ने अमेरिकी वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। इनमें अमेरिकी वायुसेना वारफेयर सेंटर के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल डेविड सी एपर्सन शामिल थे। इस दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल में एयर कमोडोर यशपाल सिंह नेगी भी मौजूद रहे।
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वायुसेना प्रमुख ने वरिष्ठ अधिकारियों से की मुलाकात
– फोटो : ANI
बातचीत का मुख्य केंद्र दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास के अवसरों को बढ़ाना और आधुनिकीकरण के प्रयासों को एक साथ लाना था। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और अमेरिका के बीच आपसी तालमेल को और मजबूत करने की जरूरत है। इसमें संयुक्त अभियानों में बेहतर समन्वय, नई तकनीकों को साझा करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मिलकर काम करने पर ध्यान दिया गया। यह सहयोग भविष्य में दोनों देशों की सैन्य शक्ति को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
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वायुसेना प्रमुख ने वरिष्ठ अधिकारियों से की मुलाकात
– फोटो : ANI
F-15EX ईगल II की खूबियों की बात करें, तो यह विमान मैक 2.5 की तेज रफ्तार से उड़ सकता है और 50,000 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। यह लगभग 13,381 किलोग्राम वजन का पेलोड ले जाने में सक्षम है। बोइंग के अनुसार, इसमें डिजिटल फ्लाई-बाय-वायर कंट्रोल, आधुनिक मिशन सिस्टम और उन्नत रडार (AESA) लगे हैं। यह विमान 12 AMRAAM को एक साथ ले जा सकता है और हाइपरसोनिक हथियारों का भी समर्थन करता है। इसकी लंबी उम्र और मारक क्षमता इसे आधुनिक युद्ध के लिए बेहद खास बनाती है।
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वायुसेना के प्रमुख का पेंटागन में भव्य स्वागत
– फोटो : ANI
अपनी यात्रा के अगले चरण में 10 अप्रैल को एयर चीफ मार्शल सिंह पेंटागन पहुंचे। वहां अमेरिकी वायुसेना के प्रमुख जनरल केन विल्सबैक ने उनकी मेजबानी की। पेंटागन पहुंचने पर भारतीय वायुसेना प्रमुख का पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया गया। उन्होंने अमेरिकी वायुसेना सचिव ट्रॉय मिंक और जनरल विल्सबैक के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों में अमेरिकी नेताओं ने भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को प्राथमिकता दी और एक स्वतंत्र व समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत की भूमिका को सराहा।
जनरल विल्सबैक ने कहा कि इस तरह का सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। बैठक में भारत को मिलने वाले MQ-9B स्काई गार्जियन विमानों पर भी चर्चा हुई। अमेरिका ने भरोसा दिलाया कि वह इन विमानों के इस्तेमाल में भारतीय सशस्त्र बलों की पूरी मदद करेगा। साथ ही, अमेरिका ने भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण और रक्षा औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए अपनी तत्परता जाहिर की।