आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की शुरुआत तो हुई थी इस वजह से कि इससे लोगों का काम आसान होगा. लेकिन अब ये टेक्नोलॉजी लोगों की नौकरी खा रही है. जिससे हर कोई परेशान है, यहां तक कि दिग्गज बिजनेसमैन या अर्थशास्त्रियों ने तक चेतावनी दे दी है कि आने वाले समय में AI समाज और रोजगार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है. इसी बीच बिल गेट्स ने इससे बचने का तरीका बताया है.
बिल गेट्स को हुई चिंता
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने भी AI के बढ़ते असर को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने हाल ही में अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि AI और रोबोट तेजी से बेहतर हो रहे हैं. ऐसे में भविष्य में कुछ काम सिर्फ इंसानों के लिए सुरक्षित रखने पड़ सकते हैं. उन्होंने इसके लिए ‘ह्यूमन रिजर्व्ड’ की सोच सामने रखी है. उनका मानना है कि मौजूदा नौकरियों में से करीब 40% काम इंसानों के लिए सुरक्षित रखे जाने चाहिए.
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भारत के लिए जरूरी है ये विचार
बिल गेट्स ने AI को लेकर जो भी कहा है वो भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि यहां सरकारी नौकरियों और सरकारी शिक्षण संस्थानों में पहले से ही कुछ वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है. हालांकि, भारत में आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से काफी संवेदनशील और विवादित रहा है.
कई कंपनियों में हुई छंटनी
पिछले कुछ सालों में कई कंपनियों ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है. कुछ लोगों का मानना है कि कंपनियां AI को इसके लिए एक बहाना बता रही हैं. लेकिन AI लगातार तेजी से विकसित हो रहा है और आने वाले समय में इसके कारण कई लोगों के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव हो सकता है.
बता दें कि AI का खतरा सिर्फ बेरोजगारी तक सीमित नहीं है. नौकरी लोगों को कमाई के साथ पहचान, उद्देश्य और समाज से जुड़ाव भी देती है. अगर बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां चली जाती हैं, तो इसका असर परिवारों, समुदायों, राजनीति और समाज की सोच पर भी पड़ सकता है. AI जहां विकास और सुविधा के नए रास्ते खोल रहा है, वहीं रोजगार और सामाजिक असमानता को लेकर अभी से तैयारी करना जरूरी है.
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