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‘वॉर के लिए ईरान को अब हथियार नहीं देगा चीन’, ट्रंप के दावे के बीच रूस ने तेहरान को दिया बड़ा ऑफर

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अमेरिका और ईरान के बीच आने वाले दिनों में फिर से शांति वार्ता हो सकती है. रूस की सरकारी मीडिया TASS ने बताया कि मॉस्को ईरान के यूरेनियम संवर्धन स्टॉक के मुद्दे को हल करने के लिए एक नया ऑफर दिया. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस ईरान के बहुत ज्यादा संवर्धित यूरेनियम को फ्यूल ग्रेड या स्टोर करने के सामान में बदलने में बिना उसके शांतिपूर्ण संवर्धन के अधिकार का उल्लंघन किए मदद कर सकता है.

वॉर के लिए ईरान को अब हथियार नहीं देगा चीन: ट्रंप

सर्गेई लावरोव के बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल रहे हें और इससे चीन बहुत खुश है. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा, ‘चीन बहुत खुश है कि मैं होर्मुज स्ट्रेट को हमेशा के लिए खोल रहा हूं. मैं यह उनके लिए और दुनिया के लिए कर रहा हूं. ऐसी स्थिति फिर कभी नहीं होगी. वे (चीन) ईरान को हथियार नहीं भेजने पर सहमत हो गए हैं.’

सीएनएन ने रिपोर्ट किया कि बीजिंग तेहरान को एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी कर रहा है, जबकि फाइनेंशियल टाइम्स ने खुलासा किया कि ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों का पता लगाने और उन्हें निशाना बनाने के लिए चीनी जासूसी सैटेलाइट का इस्तेमाल कर रहा है. हालांकि, चीन के विदेश मंत्रालय ने हाल के दिनों में बार-बार इस बात से इनकार किया है कि उनका देश ईरान को किसी भी प्रकार की सैन्य सहायता दे कर रहा है.

यूरेनियम एनरिचमेंट युद्ध की असली वजह

ईरान का संवर्धित यूरेनियम स्टॉक अमेरिका और इजरायल के साथ जंग का अहम मुद्दा है. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि अमेरिका ने ईरान से अपना संवर्धन प्रोग्राम खत्म करने की मांग की है. कहा जा रहा है कि ये संवर्धित यूरेनियम मलबे में दबा हुआ है. हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई बातचीत के दौरान इस मुद्दे को उठाया गया था. बातचीत के दौरान यूरेनियम एनरिचमेंट रोकने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस पर रोक लगाने का आइडिया पसंद नहीं है, वे इसे पूरी तरह से रोकना चाहते हैं.

इससे पहले ओबामा के शासनकाल में रूस ने 2015 में जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीओपीए) के तहत ईरान के अतिरिक्त संवर्धित यूरेनियम को हटाने और उसे शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा में बदलने में तकनीकी मदद की थी. इस समझौते के तहत ईरान ने अपने एनरिच्ड यूरेनियम रूस को ट्रांसफर किया था. रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि शांति वार्ता के दौरान एनरिच्ड यूरेनियम से जुड़े मुद्दों पर ईरान जो भी फैसला करेगा, रूस उसका सम्मान करेगा. 

रूस ने ईरान को दिया ये बड़ा ऑफर

उन्होंने ये भी दोहराया कि ईरान को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है. रूस ने कहा है कि वह ईरान के समृद्ध यूरेनियम अपने पास रखने और उसे प्रोसेस करने में मदद करेगा. इससे पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि यह प्रस्ताव काफी समय से लंबित है, लेकिन अब तक कुछ फाइनल नहीं हो पाया है. तास की रिपोर्ट के मुताबिक, लावरोव ने चीन के दौरे पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद कहा कि रूस, चीन और दूसरे देशों की ऊर्जा जरूरतों को भी पूरा कर रहा है, जो होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की वजह से सप्लाई के लिए जूझ रहे हैं.

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