Akshay Tritiya: अक्षय तृतीया इस साल 19 अप्रैल को मनाई जाएगी. हर साल इस पर्व के सामने आते ही बाजारों में हलचल बढ़ जाती है. खासतौर पर, गहनों के दुकानों में लाइनें लग जाती हैं. अक्षय तृतीया के मौके पर सोना खरीदने की परंपरा है. इस दिन सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है.
हालांकि, सोने की कीमतों में बीते एक साल में आई जबरदस्त तेजी से इस बार लोगों के लिए सोना खरीदना थोड़ा मुश्किल साबित हो सकता है क्योंकि हर किसी का बजट उतना बड़ा नहीं होता है. पिछले साल यानी कि 2025 के अक्षय तृतीया के बाद से भारतीय स्पॉट मार्केट में सोने की कीमतें 60 परसेंट तक बढ़ गई हैं. यह लगातार नौवां साल है, जब सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है.
हाई लेवल से अभी कितने नीचे है सोना?
इस साल जनवरी में सोने की कीमतें 180,000 रुपये से ज्यादा के अपने रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई थीं. हालांकि, इसके बाद कीमतें थोड़ी नीचे भी आईं. अभी सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 150,000 रुपये के आसपास है, जो हाल के ऊंचे स्तर से 16 परसेंट नीचे या 30,000 रुपये कम है. ऐसा मुनाफावसूली के चलते हुआ है. जैसे ही कीमतें बढ़ीं, निवेशकों ने अपना मुनाफा निकाल लिया. इसके अलावा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच महंगाई की चिंताओं ने भी इसमें भूमिका निभाई है.

भारत में धनतेरस के बाद अक्षय तृतीया सोना खरीदने का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है. इस दिन सोने की खरीदारी को शुभ माना जाता है. अक्षय तृतीया पर इस बार सोने की कीमत 1.45 लाख से 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रहने के अनुमान है. जबकि पिछले साल कीमत 96,000 के करीब थी. यानी पिछले साल इस तयोहार के मौके पर सोना खरीदने वाले लोग अभी 60 परसेंट के फायदे में हैं.
क्या अभी निवेश रहेगा सही?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले कुछ सालों में सोने की कीमतों में भारी उछाल के बाद भी इसकी तेजी अब भी जारी रहेगी. भले ही रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ जाए. हालांकि, उनका मानना है कि सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और लगातार बने भू-राजनीतिक तनाव के माहौल में, सोना अपने पोर्टफोलियो में रखने के लिए एक फायदेमंद एसेट है.
निवेशकों की यह भी सलाह है कि अपने निवेश का केवल10-15 परसेंट ही सोने में रखें. अगर आप पहनने के लिहाज से सोना नहीं खरीदना चाहते हैं, तो गहनों के बजाय डिजिटल गोल्ड में भी निवेश कर सकते हैं. इसमें मेकिंग चार्ज और शुद्धता को लेकर कोई चिंता भी नहीं रहती.
एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि अगर आप 5-10 साल के लॉन्ग टर्म के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो यह निवेश का बढ़िया ऑप्शन है. हालांकि, 2-3 महीने में प्रॉफिट कमाने का सोचकर इसमें दांव लगाना रिस्की हो सकता है क्योंकि इस साल मार्च में सोने की कीमतों में 16 परसेंट तक की गिरावट आई है.
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