
जैक्सन ने चार साल बाद क्यों किया खुलासा?
जैक्सन ने कहा, ‘मुझे पक्का लगता है कि इसमें (कोविड टीके का) हाथ था। मुझे नहीं लगता कि अब यह कहने से किसी तरह का विवाद पैदा होगा। भले ही डैड (पिताजी) को पहले से ही कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं, लेकिन मुझे लगता है कि टीका लगाने के कारण उनकी बीमारी खुलकर सामने आ गई। यह एक ऐसी बात है जिससे मैं हमेशा सोचता रहता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘जैसे ही मैंने (वॉर्न की मौत की खबर मिलने के बाद) फोन रखा तो मेरी पहली प्रतिक्रिया यही थी कि मैंने तुरंत सरकार को दोषी ठहराया। मैंने तुरंत कोविड और टीके को दोषी ठहराया।’
‘समझदारी भरा कदम था कि मैंने ऐसा नहीं किया’
जैक्सन ने कहा कि उन्होंने शोक सभा में अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने से खुद को बड़ी मुश्किल से रोका था। उन्होंने कहा, ‘शायद यह समझदारी भरा कदम था कि मैंने ऐसा नहीं किया, अगर मैंने ऐसा किया होता तो मेरी स्थिति बिल्कुल अलग होती। लेकिन मुझे यही महसूस हुआ।’ जैक्सन ने कहा, ‘पहले भी दिल का दौरा पड़ने से बहुत से लोग मर रहे थे, लेकिन डैड ठीक थे। मुझे लगता है उन्होंने तीन या चार (टीके) लगवाए होंगे। वह टीका नहीं लगवाना चाहते थे, लेकिन अन्य लोगों की तरह काम करने के लिए उन्हें मजबूरन इन्हें देना पड़ा।’
‘धूम्रपान और शराब पीने के बावजूद स्वस्थ थे’
उन्होंने कहा, ‘मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहता हूं क्योंकि इससे केवल गुस्सा ही बढ़ता है। गुस्सा किसी के लिए भी अच्छा नहीं होता है।’ वॉर्न की जीवनशैली के बारे में जैक्सन ने कहा कि धूम्रपान और शराब पीने के बावजूद यह अपेक्षाकृत स्वस्थ थे। उन्होंने कहा, ‘उस समय डैड स्वस्थ थे, खुश थे। वह काफी समय बाद इतने अच्छे दिख रहे थे। वह जरूर धूम्रपान करते थे और शराब पीते थे, लेकिन 80 और 90 वर्ष की उम्र के कई लोग डैड की तुलना में कहीं अधिक धूम्रपान करते हैं और शराब पीते हैं।’ वॉर्न निधन से कुछ महीने पहले कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे। जब उनकी अचानक मौत हुई तो तब वह किसी तरह की गंभीर बीमारी से नहीं जूझ रहे थे।




