रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने मुंबई इंडियंस को 18 रनों से हरा दिया है. यह हाई-प्रोफाइल मुकाबला वानखेड़े स्टेडियम पर खेला गया, जिसमें RCB की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 240 रनों का ऐतिहासिक स्कोर खड़ा किया था. जवाब में मुंबई की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 215 रन बना पाई. बेंगलुरू की टीम जब बैटिंग करने आई तो फिल साल्ट के 78 रनों ने बड़े स्कोर की नींव रखी थी. वहीं विराट कोहली ने 50 रन और रजत पाटीदार ने 53 रनों की तूफानी पारी खेल अपनी टीम को 240 रनों तक पहुंचाया था.
29 छक्के और 36 चौके
बेंगलुरू और मुंबई के इस मैच में कुल मिलाकर 462 रन बने. मुकाबले में चार बल्लेबाजों ने अर्धशतकीय पारी खेली, इसलिए चौके और छक्कों की जमकर बारिश हुई. दोनों पारियों में मिलाकर 29 छक्के और 36 चौके लगे. अकेले शेरफान रदरफोर्ड ने ही 9 सिक्स लगाए, जिन्होंने 31 गेंद में 71 रनों की विस्फोटक पारी खेल मुंबई इंडियंस को बहुत बड़ी हार से बचाया.
एक समय 17वें ओवर तक मुंबई इंडियंस ने 5 विकेट के नुकसान पर 166 रन बनाए थे. एक समय मुंबई वानखेड़े स्टेडियम पर अपनी रनों की सबसे बड़ी हार की तरफ बढ़ रही थी. अपने ही घर पर MI की रनों की सबसे बड़ी हार 39 रन की है, लेकिन शेरफान रदरफोर्ड की 71 रनों की पारी ने मुंबई को शर्मिंदा होने से बचाया. अंतिम 3 ओवरों में मुंबई की टीम ने 56 रन बना डाले. इस पारी ने MI को बहुत बड़ी हार से बचाया, जो नेट रन रेट की दृष्टि से हार्दिक पांडया और उनकी सेना के लिए बड़ा सिर दर्द बन सकती थी.
पांडया बने RCB की जीत के हीरो
दूसरी पारी में ड्यू बड़ा फैक्टर साबित हो रही थी. चूंकि गेंद बहुत गीली हो चुकी थी, इसलिए दूसरी पारी में गेंदबाजी करना आसान नहीं था. मगर क्रुणाल पांडया ने कठिन पतिस्थितियों में 4 ओवरों में केवल 26 रन दिए और सूर्यकुमार यादव का बहुमूल्य विकेट भी चटकाया. कहीं ना कहीं उनके स्पेल ने ही मुंबई और बेंगलुरू के बीच बड़ा अंतर पैदा किया.

