दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया. 75 साल की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली. एक्टर के निधन पर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने शोक व्यक्त किया है.
सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को ये दुख सहने की शक्ति प्रदान करें.
योगी आदित्यनाथ ने जाताया शोक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, ‘प्रख्यात एक्टर, रंगमंच के सशक्त कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है. उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें.’
प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार एवं संवेदनशील समाजसेवी, ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 8, 2026
पुष्कर सिंह धामी ने दी श्रद्धांजलि
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि प्रसिद्ध एक्टर नाना पाटेकर के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ. उन्होंने अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली संवाद से भारतीय सिनेमा में एक विशिष्ट पहचान बनाई. विभिन्न भूमिकाओं में उनके जीवंत अभिनय ने हिंदी सिनेमा को समृद्ध किया. उनका निधन फिल्म व कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें.
प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर जी के निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने सशक्त अभिनय और प्रभावशाली संवाद से भारतीय सिनेमा में एक विशिष्ट पहचान बनाई। विभिन्न भूमिकाओं में उनके जीवंत अभिनय ने हिंदी सिनेमा को समृद्ध किया। उनका निधन फ़िल्म व कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति !
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 8, 2026
सुवेंदु अधिकारी ने जाताय दुख
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने लिखा, ‘महान एक्टर नाना पाटेकर के अचानक निधन की दुखद खबर सुनकर गहरा सदमा लगा. भारतीय सिनेमा ने अपनी सबसे दमदार, सच्ची और बेमिसाल आवाजों में से एक को खो दिया है. नाना जी ने सिर्फ किरदार नहीं निभाए, उन्होंने हर भूमिका में बेबाक और असली सच्चाई को जीवंत कर दिया. ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘प्रहार’ की जबरदस्त ऊर्जा से लेकर ‘अब तक छप्पन’ की गहरी तीव्रता तक, उनकी कला ने एक ऐसा मानक स्थापित किया, जिसके करीब पहुंचने की उम्मीद भी बहुत कम लोग कर सकते हैं.’
Deeply shocked and heartbroken to wake up to the devastating news of the sudden passing of legendary actor Shri Nana Patekar Ji. Indian Cinema has lost one of its fiercest, most genuine and irreplaceable voices. Nana Ji didn’t merely play roles; he breathed raw, unapologetic truth into every character. From the explosive power of Parinda, Krantiveer and Prahaar to the gripping intensity of Ab Tak Chhappan, his craft set a benchmark that few could ever hope to reach. Beyond the silver screen, his simplicity, profound humility and selfless devotion to social causes and rural communities reflected the true greatness of his soul. Rest in peace, Nana Patekar Ji. Your voice, your fiery spirit and your towering legacy will remain etched in our hearts forever. Deepest condolences to his family, friends, and millions of admirers worldwide. Om Shanti 🙏
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) October 8, 2026
उन्होंने आगे लिखा, ‘सिनेमा की दुनिया से परे, उनका सादापन, गहरा विनम्र स्वभाव और सामाजिक कार्यों व ग्रामीण समुदायों के प्रति निस्वार्थ समर्पण उनके महान व्यक्तित्व को दर्शाता है. नाना पाटेकर की आत्मा को शांति मिले. आपकी आवाज, आपका जोशीला अंदाज और आपकी शानदार विरासत हमेशा हमारे दिलों में बसी रहेगी. उनके परिवार, दोस्तों और दुनिया भर में मौजूद लाखों प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना. ओम शांति.’
डीके शिवकुमार ने भी किया याद
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पोस्ट किया, ‘दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन से गहरा दुख हुआ है. अपने असाधारण हुनर, दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और यादगार अभिनय से उन्होंने भारतीय सिनेमा को कुछ बेहद यादगार किरदार दिए. पर्दे से हटकर, किसानों के प्रति उनकी संवेदना और समाज सेवा के प्रति उनका समर्पण उनके व्यक्तित्व की गहराई को दर्शाता है. इस मुश्किल समय में उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. ओम शांति.’
ಬಹುಭಾಷಾ ನಟ, ಪದ್ಮಶ್ರೀ ಪುರಸ್ಕೃತ, ಅದ್ಭುತ ಕಲಾವಿದ ನಾನಾ ಪಾಟೇಕರ್ ಅವರ ನಿಧನದ ಸುದ್ದಿ ಅತ್ಯಂತ ದುಃಖ ತಂದಿದೆ. ತಮ್ಮ ವಿಭಿನ್ನ ಹಾಗೂ ಮನೋಜ್ಞ ಅಭಿನಯದ ಮೂಲಕ ಭಾರತೀಯ ಚಿತ್ರರಂಗದಲ್ಲಿ ಅಚ್ಚಳಿಯದ ಛಾಪು ಮೂಡಿಸಿದ್ದ ಅವರು, ಕನ್ನಡದ ‘ಯಕ್ಷ’ ಚಿತ್ರದಲ್ಲಿಯೂ ಅಭಿನಯಿಸಿದ್ದರು. ಅವರ ಅಗಲಿಕೆಯಿಂದ ಭಾರತೀಯ ಚಿತ್ರರಂಗಕ್ಕೆ ತುಂಬಲಾರದ ನಷ್ಟವಾಗಿದೆ. ಅವರ ಆತ್ಮಕ್ಕೆ ಶಾಂತಿ ಸಿಗಲಿ. ಅವರ ಕುಟುಂಬ, ಬಂಧು-ಬಳಗ ಹಾಗೂ ಅಭಿಮಾನಿಗಳಿಗೆ ಈ ದುಃಖವನ್ನು ಭರಿಸುವ ಶಕ್ತಿ ದೊರೆಯಲಿ ಎಂದು ಪ್ರಾರ್ಥಿಸುತ್ತೇನೆ. ಓಂ ಶಾಂತಿ.
— DK Shivakumar (@DKShivakumar) October 8, 2026
सुनेत्रा पवार ने शेयर किया पोस्ट
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने लिखा, ‘अभिनय की दुनिया के एक दिग्गज हमारे बीच नहीं रहे. अनुभवी एक्टर नाना पाटेकर के निधन की खबर ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया है. नाना, अभिनय में सच्ची अभिव्यक्ति और संवेदनशील सामाजिक जागरूकता का एक बेहतरीन संगम थे. उन्होंने मंच से लेकर सिल्वर स्क्रीन तक अपने दमदार अभिनय से अनगिनत किरदारों को अमर बना दिया. ‘नटसम्राट’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी बेहतरीन फिल्मों के जरिए उन्होंने अपनी अदाकारी की अमिट छाप छोड़ी. नाना पाटेकर का ‘दादा’ (अजित पवार) के साथ बेहद करीबी और स्नेहपूर्ण रिश्ता था. इसलिए, उनके जाने से जो खालीपन आया है, वह मेरे और हमारे परिवार के लिए बेहद दुखद है.’
अभिनयाचा एक युगपुरुष हरपला… ज्येष्ठ अभिनेते नाना पाटेकर यांच्या निधनाची बातमी मनाला अक्षरशः चटका लावणारी आहे. अभिनयाचा अस्सल आविष्कार आणि संवेदनशील सामाजिक जाणिवांचा सुंदर संगम असलेल्या नानांनी रंगभूमीपासून रुपेरी पडद्यापर्यंत आपल्या दमदार अभिनयाने असंख्य व्यक्तिरेखा अजरामर केल्या. ‘नटसम्राट’, ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’ यांसारख्या कलाकृतींमधून त्यांनी आपल्या अभिनयाची अमीट छाप उमटवली. नाना पाटेकर यांचे दादांशी अतिशय जिव्हाळ्याचे आणि आपुलकीचे संबंध होते. त्यामुळे त्यांच्या निधनाने झालेली पोकळी माझ्यासाठी आणि आमच्या कुटुंबासाठीही विशेष दुःखद आहे. कलेसोबतच सामाजिक बांधिलकी जपत त्यांनी समाजातील वंचित घटक आणि शेतकरी बांधवांसाठी केलेले कार्यही सदैव प्रेरणादायी राहील. आज अभिनयविश्वातील एक संवेदनशील मन, एक दमदार आवाज आणि एक अस्सल कलाकार हरपला आहे. या अष्टपैलू, संवेदनशील कलाकाराला माझी भावपूर्ण श्रद्धांजली. नानांच्या स्मृती, त्यांच्या भूमिका आणि त्यांचे अमूल्य योगदान सदैव आपल्या मनात जिवंत राहील.
— Sunetra Ajit Pawar (@SunetraA_Pawar) October 8, 2026
सांसद कनिमोझी ने भी जताया शोक
डीएमके की सांसद कनिमोझी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया. उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ‘दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन से दुखी हूं. उनके दमदार अभिनय, खास अंदाज और हिंदी व क्षेत्रीय सिनेमा में उनके अहम योगदान को हमेशा याद किया जाएगा. उनके परिवार, दोस्तों और चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. उनके बेहतरीन काम के जरिए उनकी यादें हमेशा बनी रहेंगी.’
Saddened by the passing away of veteran actor Thiru. Nana Patekar. His powerful performances, distinctive presence and immense contribution to Hindi and regional cinema will remain etched in our memories. My heartfelt condolences to his family, friends and admirers. May his memory live on through his remarkable body of work.
— Kanimozhi (கனிமொழி) (@KanimozhiDMK) October 8, 2026
नाना पाटेकर के निधन पर बाबूलाल मरांडी का पोस्ट
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पोस्ट किया, ‘बॉलीवुड के मशहूर एक्टर नाना पाटेकर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति दें.’
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति दें। विनम्र श्रद्धांजलि। https://t.co/ssAxKFJwgN
— Babulal Marandi (@yourBabulal) October 8, 2026
जयवीर शेरगिल ने भी जताया दुख
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उनके शानदार अभिनय में भारतीय सिनेमा के प्रति बेमिसाल समर्पण, बहुमुखी प्रतिभा और अटूट निष्ठा झलकती थी. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि नाना पाटेकर की आत्मा को शांति मिले.
एकनाथ शिंदे हुए भावुक
डेप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने एक्स पर लिखा, ‘महाराष्ट्र का स्वाभिमान और मराठी व्यक्ति का गौरव आज खो गया. रंगमंच और फिल्म जगत में अभिनय की बुलंद ऊंचाइयों को छूने वाले, संवाद अदायगी से लेकर भाव-भंगिमाओं तक हर क्षेत्र में अपनी अलग शैली बनाने वाले और प्रखर सामाजिक संवेदनाओं को हमेशा जीवंत रखने वाले नाना पाटेकर का आकस्मिक निधन फिल्म जगत, महाराष्ट्र और व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए बहुत बड़ा आघात है.’
उन्होंने लिखा, ‘महाराष्ट्र और देश ने एक संवेदनशील, दमदार अभिनेता और सही मायनों में एक ‘नटसम्राट’ को खो दिया है. महाराष्ट्र का स्वाभिमान और मराठी व्यक्ति का गौरव आज खो गया… हाल ही में हुए गणेशोत्सव के दौरान ही हमारी मुलाकात हुई थी. मेरे दरेगांव में गाद निकालने के काम के लिए भी वे आए थे. उस समय मेरे सफेद कपड़ों को देखकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था,’एक भी दाग नहीं वाला नेता!’ 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद हुई हमारी पहली निजी मुलाकात में उन्होंने मेरी पीठ पर हाथ रखते हुए कहा था, ‘क्या क्रांतिवीर…’ उनकी वह पुकार और वह प्रशंसा भरी थपकी मैं कभी नहीं भूल सकता.’
एकनाथ शिंदे ने आगे लिखा, ‘बिना किसी गॉडफादर के, केवल अपनी प्रतिभा और ताकत के दम पर उन्होंने हिंदी फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान बनाई. बॉलीवुड में उनके नाम का एक अलग दबदबा था और उस दबदबे के बीच भी उन्होंने मराठी व्यक्ति के स्वाभिमान और बाणे को मजबूती से कायम रखा. नाना केवल महान कलाकार नहीं थे, बल्कि वे महाराष्ट्र का स्वाभिमान थे. ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से सूखाग्रस्त किसानों के आंसू पोंछने का उनका काम स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाने योग्य है. महाराष्ट्र की बुलंद और बाणेदार आवाज आज शांत हो गई है. मैंने एक सच्चा और दिलदार मित्र खो दिया है. भावपूर्ण श्रद्धांजलि! ईश्वर उनकी आत्मा को सद्गति प्रदान करें.’
महाराष्ट्राचा स्वाभिमान आणि मराठी माणसाचा अभिमान आज हरपला. रंगभूमी आणि चित्रपट क्षेत्रात अभिनयाची उत्तुंग शिखरे गाठणाऱ्या, संवादफेकीपासून मुद्राभिनयापर्यंत प्रत्येक बाबतीत स्वतःची स्वतंत्र शैली निर्माण करणाऱ्या व प्रखर सामाजिक जाणिवा जपणाऱ्या नाना पाटेकर यांचे अकल्पित निधन हा चित्रपटसृष्टीसाठी, महाराष्ट्रासाठी आणि वैयक्तिक माझ्यासाठी फार मोठा धक्का आहे. महाराष्ट्राने आणि देशाने एक संवेदनशील, तगडा अभिनेता व खऱ्या अर्थाने एक ‘नटसम्राट’ गमावला आहे. महाराष्ट्राचा स्वाभिमान आणि मराठी माणसाचा अभिमान आज हरपला… नुकत्याच झालेल्या गणेशोत्सवातच आमची भेट झाली होती. माझ्या दरेगावी गाळ उपसण्याच्या कामासाठी देखील ते आले होते, तेव्हा पांढऱ्या कपड्यांकडे बघत त्यांनी जाहीरपणे म्हटलं होतं— “एकही डाग नसलेला नेता!” २०२२ मधील राजकीय उठावानंतरच्या पहिल्या खाजगी भेटीत पाठीवर हात ठेवून “काय क्रांतिवीर…” अशी त्यांनी दिलेली साद आणि ती कौतुकाची थाप मी कधीच विसरू शकत नाही. त्या शब्दांनी जनतेसाठी अधिक काम करण्याची ऊर्जा दिली. तरुणपणी ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘प्रहार’ यांतील त्यांच्या भूमिकांनी आमच्या पिढीवर गारुड केले. ‘हमिदाबाईची कोठी’, ‘पुरुष’, ‘तन-माजोरी’ ही नाटके आणि ‘देऊळ’, ‘यशवंत’, ‘वजूद’, ‘परिंदा’ हे चित्रपट त्यांच्या अजरामर भूमिकांमुळे कायम लक्षात राहतील. कुठलाही गॉडफादर नसताना, निव्वळ ताकदीच्या जोरावर त्यांनी हिंदी चित्रपटसृष्टीत स्वतःचा वेगळा ब्रँड उभा केला. बॉलीवूडमध्ये त्यांच्या नावाचा दबदबा होता आणि त्या दबदब्यात मराठी माणसाचा स्वाभिमान अन् बाणा त्यांनी ताठपणे जपला. नाना केवळ महान कलाकार नव्हते, तर ते महाराष्ट्राचा स्वाभिमान होते. ‘नाम फाउंडेशन’च्या माध्यमातून दुष्काळग्रस्त शेतकऱ्यांचे अश्रू पुसण्याचे त्यांचे काम सुवर्ण अक्षरांनी लिहून ठेवण्यासारखे आहे. महाराष्ट्राचा बुलंद, बाणेदार आवाज शांत झाला आहे. मी एक सच्चा, दिलदार मित्र गमावला आहे. ही हानी कधीही भरून न येणारी आहे. त्यांच्यासारखा अभिनेता शतकातून एकदाच जन्माला येतो. काश्मीरमधील मुलांसाठी शाळा सुरू करण्याचं त्यांचं अखेरचं स्वप्न होतं, ते पूर्ण करण्यासाठी सर्वतोपरी मदत करणे हे मी माझे कर्तव्य समजतो. तीच नाना पाटेकर यांना खरी श्रद्धांजली ठरेल. भावपूर्ण श्रद्धांजली! ईश्वर त्यांच्या आत्म्यास सद्गती देवो.
— Eknath Shinde – एकनाथ शिंदे (@mieknathshinde) October 8, 2026
प्रवेश वर्मा भी दुखी
दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने लिखा, ‘प्रख्यात एक्टर नाना पाटेकर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. उनके जाने से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे विलक्षण कलाकार को खो दिया, जिनकी अदाकारी में गहराई, संवादों में प्रभाव और हर किरदार में असाधारण जीवंतता दिखाई देती थी. हिंदी और मराठी सिनेमा में अपने यादगार अभिनय से उन्होंने दर्शकों के दिलों में जो स्थान बनाया, वह सदैव कायम रहेगा. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें.’
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने किया पोस्ट
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, ‘नाना पाटेकर के निधन की खबर बेहद दुखद है. सिनेमा ने एक महान एक्टर और प्रभावशाली व्यक्तित्व खो दिया. नकी अदाकारी हमेशा याद रहेगी. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें.’
रोहित पवार ने किया एक्टर को याद
एनसीपी-एसपी के नेता रोहित पवार ने पोस्ट किया, ‘सामाजिक मुद्दों के प्रति बेहद जागरूक रहे दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन की खबर वाकई चौंकाने वाली और बहुत दुखद है. उनके जाने से भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने एक संवेदनशील, प्रभावशाली और हर तरह की भूमिका निभाने में माहिर कलाकार को खो दिया है.’
सामाजिक जाण आणि भान असलेले ज्येष्ठ अभिनेते नाना पाटेकर यांचं हृदयविकाराच्या झटक्याने निधन झाल्याचं वृत्त अत्यंत धक्कादायक आणि मन सुन्न करणारं आहे. त्यांच्या निधनाने भारतीय चित्रपटसृष्टीने एक संवेदनशील, प्रभावी आणि अष्टपैलू कलाकार गमावला आहे. ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘खामोशी’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘नटसम्राट’, ‘वेलकम’ यांसारख्या असंख्य चित्रपटांमधून त्यांनी आपल्या दमदार अभिनयाची अमीट छाप उमटवली. पडद्यावरील अभिनयासोबतच ‘नाम फाउंडेशन’च्या माध्यमातून शेतकरी, दुष्काळग्रस्त आणि ग्रामीण भागातील जनतेसाठी केलेले त्यांचं सामाजिक कार्य त्यांच्या संवेदनशील मनाची साक्ष देणारं आहे. कलेच्या माध्यमातून लाखो मनांवर अधिराज्य गाजवणाऱ्या आणि सामाजिक बांधिलकी जपणाऱ्या या महान कलाकाराला माझी भावपूर्ण श्रद्धांजली!💐🙏 ॐ शांती!
— Rohit Pawar (@RRPSpeaks) October 8, 2026
रोहित पवार ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, ‘नाना पाटेकर ने ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘प्रहार’, ‘खामोशी’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी कई फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग से अमिट छाप छोड़ी. पर्दे पर अपनी एक्टिंग के अलावा, ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए किसानों, सूखे से प्रभावित समुदायों और ग्रामीण आबादी के लिए किए गए उनके सामाजिक काम उनके दयालु स्वभाव की मिसाल हैं. मैं इस महान कलाकार को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने अपनी कला से लाखों लोगों का दिल जीता और सामाजिक कार्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे.’


