भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। इस बयान में फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा द्वारा किए गए दावों का खंडन किया गया है। प्रवक्ता ने इन दावों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है।
प्रवक्ता ने स्पष्ट रूप से कहा कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने विराट कोहली के संबंध में जो भी बातें कही हैं, वे तथ्यात्मक रूप से भी गलत हैं। उन्होंने इन सभी दावों को असत्य करार दिया। बयान में जोर देकर कहा गया कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन केवल अपनी गहरी आस्था के कारण करते हैं।
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कोहली और अनुष्का प्रेमानंद महाराज की शरण में (पुरानी तस्वीर)
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यह उनकी महाराज जी के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। कोहली का यह आध्यात्मिक जुड़ाव व्यक्तिगत है। प्रवक्ता ने मीडिया से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी जानकारी को प्रकाशित करने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच की जाए। मीडिया को तथ्यों का सत्यापन करना चाहिए।
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दिनेश फलाहारी महाराज ने की सीबीआई जांच की मांग।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दावों का खंडन
प्रवक्ता ने फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा के सभी बयानों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ये दावे किसी भी आधार पर खरे नहीं उतरते हैं। विराट कोहली के प्रवक्ता ने इन मनगढ़ंत बातों को गलत बताया। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि ऐसी अफवाहों को बढ़ावा न दें। यह बयान विराट कोहली की ओर से जारी किया गया है।
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संत प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेते क्रिकेटर विराट कोहली पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा।
मीडिया से की ये अपील
बयान में मीडिया से जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करने का अनुरोध किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी बयान को रिपोर्ट करने या प्रसारित करने से पहले उचित सावधानी बरतें। तथ्यों की पूरी तरह से पुष्टि करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मीडिया को ऐसी निराधार बातों को बढ़ावा देने से बचना चाहिए। यह सुनिश्चित करना मीडिया का कर्तव्य है कि केवल सत्यापित जानकारी ही साझा की जाए।
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श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के पक्षकार धर्मगुरु दिनेश फलाहारी
– फोटो : Amar Ujala
यह था पूरा मामला
‘पांच करोड़ में प्रेमानंद के दरबार बुलाए गए थे कोहली’, श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास अध्यक्ष का दावा
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने संत प्रेमानंद को बेलवन आश्रम छोड़कर गोवर्धन आने का आग्रह किया है। सोमवार को लिखे पत्र में उन्होंने संत की सुरक्षा पर चिंता जाहिर करते आश्रम में गुटबाजी का दावा किया है।