8वें वेतन आयोग की बैठकों का दौर लगातार जारी है. इसी कड़ी में आयोग की अगली बैठक बेंगलुरु में होने जा रही है. जिससे पहले ही कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने अपनी कई सारी मांगें रख दी हैं. इससे साफ पता चलता है कि कर्मचारियों की आयोग से क्या उम्मीदें हैं. अलग- अलग यूनियनों ने अपनी अलग- अलग डिमांड्स आयोग के सामने रखी हैं.
किसी ने फिटमेंट फैक्टर में बदलाव की मांग की है, जिससे कि बेसिक सैलरी स्ट्रक्चर महंगाई को देखते हुए अच्छा- खासा बढ़ जाए. तो वहीं किसी ने डीए में बढ़ोतरी की मांग की है. तो आइये जानते हैं किस यूनियन ने क्या डिमांड आयोग से की है.
इन संगठनों ने रखीं डिमांड्स
बेंगलुरु में होने वाली 8वें वेतन आयोग की बैठक से पहले प्रमुख रूप से दो कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांग आयोग के सामने रखी है. जिसमें से एक है IRTSA यानी इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन और दूसरा संगठन है RSCWS यानी रेलवे सीनियर सिटीजंस वेलफेयर सोसायटी. ये दोनों सगठन रेलवे के कर्मचारियों और रिटायर्ड हुए कर्मचारयों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इन्हीं दोनों संगठनों ने आठवें वेतन आयोग की बेंगलुरु में होने वाली बैठक से पहले अपनी मुख्य मांगें आयोग के सामने रखी हैं.
IRTSA की मांगें?
इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने बेंगलुरु में होने वाली मीटिंग से पहले फिटमेंट फैक्टर, मिनिमम पे, अलाउंस आदि को लेकर अपनी पांच मांगे रखी हैं जो इस प्रकार हैं.
- संगठन की पहली मांग है कि मिनिमम पे बढ़ाकर 52,600 किया जाए.
- तो वहीं फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी अलग- अलग लेवल के कर्मचारियों के हिसाब से बदलाव किया जाए, जैसे:
-
लेवल फिटमेंट फैक्टर लेवल 1-5 2.92 फिटमेंट फैक्टर लेवल 6-8 3.50 फिटमेंट फैक्टर लेवल 9-12 3.80 फिटमेंट फैक्टर लेवल 13-16 4.09 फिटमेंट फैक्टर लेवल 17-18 4.38 फिटमेंट फैक्टर - तो वहीं इन कर्मचारियों के मिताबिक हर साल 5% एनुअल इंक्रीमेंट भी कर्मचारियों को दिया जाना चाहिए.
- इसके अलावा नाइट ड्यूटी, ओवरटाइम रिस्क टेकिंग जॉब के लिए अलग से अलाउंस दिया जाए.
- तो वहीं कर्मचारियों को पेंशन और रिटायरमेंट के बाद के लिए सर्विस के दौरान ही अच्छा पैसा दिया जाना चाहिए.
RSCWS की मांगे?
रेलवे सीनियर सिटीजंस वेलफेयर सोसायटी (RSCWS) ने भी इसी तरह रिटायर्ड कर्मचारियों के संगठन के लिए मांगे रखी हैं. जो इस प्रकार हैं:
- रिटायर्ड कर्मचारियों के इस संगठन ने बेसिक पे के कम्पोनेंट को बढ़ाने की मांग की है.
- HRA और TA के पीरियोडिक रिवीजन के लिए बेसिक पे और अलाउंस के बीच बेहतर बैलेंस बनाने की मांग रखी है.
- स्पेशलाइज्ड ड्यूटी और हार्डशिप को इनहेंस करने के लिए रिव्यू करने की मांग रखी है.
- तो वहीं रिटायरमेंट सिक्योरिटी को बढ़ावा देने के लिए मीनिंगफुर बेसिक पे को लेकर भी मांग की गई है.
- इसके अलावा जरूरी अलाउंस को महंगाई के हिसाब से रिव्यू कर बढ़ाने के लिए भी संगठन ने कहा है.
बेंगलुरु मीटिंग में क्या आएगा नतीजा?
बता दें कि आयोग की अगली बैठक बेंगलुरु में है, जिसमें फिटमेंट फैक्टर, सैलरी रिविजन और पेंशन पेंशन रिफॉर्म्स जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. हालांकि इन चीजों को लेकर केवल चर्चा होने वाली है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकाला सामने नहीं आएगा. आयोग की फाइनल रिपोर्ट जून 2027 में आने वाली है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली के इन मार्केट से खरीदें सस्ती चनिया- चोली, सिर्फ 500 में बनेगा नवरात्र स्पेशल आउटफिट

